भाजपा ने जोधपुर में ओबीसी मोर्चा की बैठक में वसुंधरा राजे को नहीं बुलाया, भाजपा में सीएम फेस की तलाश जारी
जयपुर, 4 सितम्बर। जोधपुर में भाजपा ओबीसी मोर्चा की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक 9 और 10 सितंबर को होनी है। इस बैठक में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया को नहीं बुलाया गया है। राजे इस बैठक में शामिल नहीं होंगी। जबकि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और गजेंद्र सिंह शेखावत सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को बैठक में आने का न्योता दिया गया है। साल 2023 में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का शामिल नहीं होना सियासी रूप से काफी भूचाल मचाले वाला हो सकता है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बैठक का उद्घाटन करेंगे। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन भाषण देंगे। बैठक के बाद शाह बूथ स्तर के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस बैठक में नहीं होंगी। साथ ही 8 तारीख को जोधपुर संभाग के जिन 40 मंडलों पर पार्टी के नेता विधायक प्रवास करेंगे। उसमें भी वसुंधरा राजे नहीं होगी।

शाह का पूनिया और शेखावत पर भरोसा कायम
जोधपुर में ओबीसी मोर्चा की होने वाली बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नहीं बुलाकर पार्टी ने प्रदेश में संदेश दे दिया है कि भाजपा आलाकमान का भरोसा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर कायम है। प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भाजपा में सीएम फेस को लेकर अंतर्कलह की स्थिति है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थक भाजपा आलाकमान पर राजे को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने का दबाव बनाए हुए हैं। बड़ी संख्या में भाजपा के विधायक वसुंधरा राजे के गुट के हैं। माना जा रहा है कि भाजपा आलाकमान प्रदेश में अभी भी सीएम फेस के लिए किसी नए चेहरे की तलाश जारी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओम माथुर को केंद्रीय चुनाव समिति में लेकर पार्टी ने माथुर को भी सीएम फेस की लाइन में खड़ा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव हरियाणा और राजस्थान में सक्रीय हैं। लोकसभा अध्यक्ष भी मुख्यमंत्री पद को लेकर सक्रीय हैं। प्रदेश में 15 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में 15 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने है। प्रदेश में भाजपा का मुकाबला कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक गहलोत से होना है। गहलोत अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेशभर में लोकप्रिय और ताकतवर नेता हैं। वहीं सचिन पायलट जैसे ऊर्जावान नेता प्रदेश की बागडोर संभालने के लिए तैयार हैं। आने वाले चुनाव में भाजपा की राह उतनी आसान नहीं होने वाली है। ऐसे में वसुंधरा को लेकर पार्टी की अनदेखी भाजपा पर भारी पड़ सकती है।

मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा मनाएगी सेवा पखवाड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को है। भाजपा इसे सेवा पखवाड़े के रूप में मनाएगी। 17 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में लोकल फॉर वोकल के तहत स्थानीय उत्पादों और खादी के कपड़ों की खरीदारी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम मोदी अपने जन्मदिवस पर तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।













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