बस्तर में कमजोर पड़ रहे हैं "लाल आतंकी"
जगदलपुर,06 जनवरी। छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा में नक्सली कमजोर पड़ते जा रहे हैं। आंकड़े बताते है कि पुलिस ने कुछ सालों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलताएं पाई हैं। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2016 से 2021 तक कुल 1368 नक्सलियों पर कई प्रकार की कार्रवाई की गई है। इस प्रकार बीते 6 सालों में पुलिस और सुरक्षाबलों की विभिन्न कार्रवाइयों में 635 का आत्मसमर्पण, 655 की गिरफ्तारी और 78 नक्सलियों को मार गिराया गया है। जबकि बीते 2 सालो में सबसे अधिक मामलो में सफलता मिली है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में अधिकांश जिले माओवाद से प्रभावित हैं ,जिसमें से दंतेवाड़ा पहला ऐसा जिला है,जहां नक्सलियों को चिन्हांकित करके उनकी सूची को पुलिस ने सार्वजनिक कर दिया था। माना जा रहा है कि सूची सार्वजनिक करने के बाद लगातार सफलताएं मिलनी शुरू हुईं हैं। दंतेवाड़ा के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव का कहना है कि पुलिस और सुरक्षाबलों की ओर से जिले में लगातार नक्सल उन्मूलन के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमो से अब नक्सलियों के पैर उखड़ने लगे हैं।
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लोन वर्राटू अभियान ने किया माओवाद को कमजोर
पल्लव का कहना है कि नक्सलियों को कमजोर करने में पुलिस के लोन वर्राटू अभियान यानी घर वापसी अभियान को सबसे अधिक सफलता मिली है। इसी अभियान की सफलता की वजह से दंतेवाड़ा में बीते डेढ़ सालों में 487 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इस प्रकार दंतेवाड़ा देश का पहला ऐसा जिला बन चुका है, जहां पुलिस की ओर से नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में इतने बड़े पैमाने में सफलता मिली हो। पुलिस विभाग से मिली जानकरी के मुताबिक सम्पूर्ण बस्तर में पुलिस की तरफ से लोन वर्राटू अभियान के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 10 हजार की प्रोत्साहन राशि ,पुलिस में नौकरी,आवास की सुविधा देने के साथ कई सरकारी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने में मदद करने के लिए उनकी शादियां भी कराई जा रहीं है।












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