Jabalpur News: जबलपुर कबाड़ गोदाम में दिल दहला देने वाले विस्फोट मामले में नया मोड़, NIA ने शुरू की जांच
Jabalpur Scrap Warehouse Blast: जबलपुर के कबाड़ गोदाम में हुए ब्लास्ट केस में जांच तेज हो गई है. इस केस की जांच में एनएसजी और एनआईए की टीम जुट गई है। अब तक इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, हादसे के बाद से फरार गोदाम मालिक की तलाश की जा रही है।
खिरिया बाईपास स्थित कबाड़ गोदाम में हुए ब्लास्ट का मामला गंभीर होता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को हुए ब्लास्ट के कारण जहां गोदाम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, वहीं गोदाम में 4 फुट चौड़ा और 4 फुट गहरा गड्ढा भी हो गया है। जिसमें गोदाम का मलबा भरा हुआ था।घटना के दौरान गोदाम के 5 किलोमीटर दायरे में भूकंप के जैसे झटके महसूस किए गए थे।

एएसपी सूर्यकांत शर्मा के मुताबिक अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह धमाका किस वजह से हुआ था। आयुध निर्माणी के रिजेक्ट बम और अन्य आयुध सामग्रियों के पार्ट्स जरूर घटना स्थल से बरामद किए गए हैं।
वहीं, इस हादसे के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हाजी मोहम्मद शमीम रजा उर्फ शमीम कबाड़ी के अलावा फहीम और सुल्तान नाम के 2 अन्य लोगों को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। जानकारी अनुसार, फहीम, सुल्तान और शमीम तीनों मिलकर गोदाम चला रहे थे। इस घटना के बाद सुल्तान और फहीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, गोदाम का मालिक शमीम कबाड़ी घटना के बाद से फरार हो गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के समय गोदाम में 10 मजदूर मौजूद थे। इनमें से 8 मजदूर सुरक्षित हैं, जिन्हें मामूली चोटें पहुंची हैं। वहीं, आशंका है कि भोलाराम और खलील नामक मजदूर हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं। दोनों के शव अभी तक बरामद नहीं हो पाए हैं। माना जा रहा है कि ब्लास्ट में दोनों के शरीरों के चीथड़े उड़ गए होंगे।
बहरहाल, अब एनएसजी और एनआईए की टीमें यह पता लगा रही हैं कि हादसे का मुख्य कारण क्या था। फिलहाल जांच पूरी होने तक कुछ भी कहना संभव नहीं है। फिलहाल सावधानी के तहत पुलिस ने पूरे गोदाम को सील कर दिया है। यहां केवल एनएसजी और एनआईए की टीमें ही सुरक्षा उपकरणों के साथ प्रवेश कर सकती हैं।












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