Salim Durani ने जबलपुर में लगाया था ऑन डिमांड पहला छक्का, ‘प्रिंस सलीम’ बनकर उभरा था ये स्टाइलिश क्रिकेटर
क्रिकेट आलराउंडर सलीम दुर्रानी के निधन के बाद अब क्रिकेट प्रेमी उनसे जुड़ी यादों पर चर्चा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर में हुआ मैच उनकी लाइफ का टर्निंग प्वाइंट कहा जाता हैं।

Salim Durani hit the first six on demand in Jabalpur: 88 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए मशहूर भारतीय क्रिकेट आलराउंडर सलीम दुर्रानी की मध्य प्रदेश के जबलपुर से भी यादें जुड़ी रही। गुजरे ज़माने के क्रिकेट खेल में ये वो चमकता सितारा था, जिसने जबलपुर की सरजमीं पर कभी दर्शकों की डिमांड पर छक्का जड़ा था। उस मैच में दुर्रानी ने सेंट्रल ज़ोन की ओर से विकेटकीपर की भूमिका निभाई थी। इस मैच के प्रदर्शन से उन्हें देश भर में न सिर्फ शोहरत मिली, बल्कि भारतीय क्रिकेट टेस्ट टीम में एंट्री के रास्ते भी खुल गए थे।
स्टाइलिश खिलाड़ी 'प्रिंस सलीम'
सलीम दुर्रानी इंडियन क्रिकेट का नगीना दुनिया छोड़कर चला गया। अब क्रिकेट की पिच से लेकर क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में बसी यादें जिंदा रहेंगी। अलग तरह का स्टाइलिश खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी से ही अपने हुनरमंद खेल की बदौलत लोगों के दिलों में बसने लगा था। जबलपुर के लेखक और खेल प्रेमी पंकज स्वामी बताते है कि सलीम रंग बिरंगे खिलाड़ी थे, इसलिए उन्हें 'प्रिंस सलीम' भी कहा जाता था। वे पहले अर्जुन अवार्डी क्रिकेटर रहे। दुर्रानी ने भारत के साथ रणजी ट्राफी में राजस्थान, गुजरात और सौराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन एमपी के जबलपुर के क्रिकेट प्रेमी उनको दिल से चाहते थे।

जबलपुर में खेला 3 दिवसीय मैच
पंकज ने बताया कि भारत के लिए 1960 में टेस्ट क्रिकेट खेलने से पूर्व सलीम दुर्रानी ने भारत की यात्रा पर आई वेस्टइंडीज की टीम के खिलाफ सेंट्रल ज़ोन की ओर से तीन दिवसीय मैच खेला था। यह मैच जबलपुर में कैंट के गैरीसन मैदान पर 6 से 8 दिसंबर 1958 को खेला गया। वेस्टइंडीज टीम से हंट, रामाधीन, हॉल्ट, एटकिनसन, लांस गिब्स, सोलोमन, रोड्रिग्ज जैसे धुरंधर खिलाड़ी थे। सेंट्रल ज़ोन की टीम अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती थी। सेंट्रल ज़ोन की ओर से वीनू मांकड, हनुमंत सिंह, हीरा लाल गायकवाड़ और चंदू सर्वटे जैसे अनुभवी और सलीम दुर्रानी और प्रकाश नायडू जैसे नवोदित खिलाड़ी थे। प्रकाश नायडू सीके नायडू के पुत्र थे।

गेंदबाज लांस गिब्स के छुड़ा दिए थे छक्के
इस मैच में सेंट्रल ज़ोन की ओर से सफल बल्लेबाज सलीम दुर्रानी रहे। उन्होंने 80 रन की सफल पारी खेली। लांस गिब्स जैसे गेंदबाज की बॉल पर चौके-छक्के जड़े। पंकज स्वामी ने बताया कि सलीम दुर्रानी ने जबलपुर की सरजमीं पर दर्शकों के ऑन डिमांड छक्का मारने की शुरुआत की, यही प्रदर्शन बाद में उनकी पहचान बना। इस मैच में सलीम दुर्रानी ने सेंट्रल ज़ोन की ओर से विकेटकीपर की भूमिका निभाई थी। जबलपुर का उत्कृष्ट प्रदर्शन सलीम दुर्रानी के लिए भारतीय टेस्ट टीम में प्रवेश का मजबूत आधार बना। 1971 में वेस्टइंडीज दौरे में सलीम दुर्रानी ने भारत को टेस्ट मैच में विजयी बनाने में कमाल की भूमिका निभाई। उन्होंने क्लाइव लॉयड व गैरी सोबर्स का विकेट लिया। दुर्रानी ने 17 ओवर में सिर्फ 21 रन दे कर किफायती गेंदबाजी की।

कीपर से लेकर वॉलर तक 'हीरो'
1973 में टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने के बाद सलीम दुर्रानी ने परवीन बाबी के साथ 'चरित्र' फिल्म में हीरो बने। सलीम दुर्रानी रणजी ट्राफी में राजस्थान की ओर से खेलते रहे। 18 से 20 दिसंबर 1976 को सलीम दुर्रानी फिर एक बार जबलपुर की ज़मीन पर खेलने उतरे। यह मध्यप्रदेश और राजस्थान के मध्य रणजी ट्राफी का एक महत्वपूर्ण मैच था। मध्यप्रदेश की ओर से योगेन्द्र जगदाले, संजय जगदाले, गुलरेज अली जैसे खिलाड़ी थे। जबलपुर के पूर्व मंत्री रहे श्रवण भाई पटेल को रणजी ट्राफी में खेलने का मौका पहली बार मिला। राइट टाउन स्टेडियम में दर्शकों की निगाहें पूरे समय सलीम दुर्रानी पर टिकी रही। 42 वर्षीय दुर्रानी बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन जब उन्होंने गेंदबाजी में मोर्चा संभाला तो 10 ओवर में सिर्फ 18 रन दिए। इस मैच की समाप्ति पर सलीम दुर्रानी के पवेलियन लौटते वक्त जबलपुर के क्रिकेट प्रेमियों ने खड़े हो कर तालियां बजाते उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया था।












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