हजारों किलों के 'रामबहादुर' ने बूढ़े 'बुधराम' को कुचला, हो गई उसकी मौत, जानिए पूरा मामला
जरा सोचिए यदि किसी के ऊपर हजारों किलों का हाथी चढ़ जाए तो उसका कचूमर बन जाए। किसी भी हाल में उसका जिन्दा बच पाना नामुमकिन है। कुछ यही हाल देश के 22 वें टाइगर रिजर्व में बूढ़े बुधराम का हुआ। Ram Bahadur
पन्ना, 04 जुलाई: कोई भी इंसान हो किसी भी तरह के वजन सहन करने की उसकी एक लिमिट होती है। अब जरा सोचिए यदि किसी के ऊपर हजारों किलों का हाथी चढ़ जाए तो उसका कचूमर बनना लाजमी है। किसी भी हाल में उसका जिन्दा बच पाना नामुमकिन है। कुछ यही हाल देश के 22 वें टाइगर रिजर्व में बूढ़े बुधराम का हुआ। हजारों किलों वजनी रामबहादुर नाम के हाथी ने उसे कुचल दिया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से टाइगर रिजर्व में कर्मचारी-अधिकारी दहशत में हैं। दो साल पहले भी इसी रामबहादुर ने यहाँ के एक रेंजर को अपने नुकीलें दांतों में दबाकर मौत के घाट उतार दिया था।

कौन है राम बहादुर और बुधराम ?
रामबहादुर हाथी का नाम है। जो पन्ना टाइगर रिजर्व में रहता है। कई सालों से रामबहादुर इस बाघ अभ्यारण्य में वन्य प्राणियों की जमात में शामिल है। इसकी देखरेख पिछले बीस सालों से महावत बुधराम करता आ रहा था। राम बहादुर नाम के हाथी को बुधराम ही साल 2002 में छत्तीसगढ़ से पन्ना टाइगर रिजर्व लाया था। घर के बच्चों की तरह बुधराम, रामबहादुर की देखरेख करता था। महावत बुधराम उसकी हर हरकत को भी जानने में माहिर था। उसके खाने-नहाने जैसी सभी व्यवस्थाओं का ध्यान रखता था।

बुधराम की ऐसे गई जान
किसी बीमार इंसान के लिए जिस तरह किसी डॉक्टर की जरुरत होती है, उसी तरह हाथी के लिए महावत की आवश्यकता होती है। दरअसल पिछले दो दशक से हाथी राम बहादुर, बुधराम के हवाले था। वही दिन-रात उसकी देखभाल करता था। सोमवार को जब मंडला रेंज के बुधरोड जंगल पर हाथी को चराने ले जाया गया तो उसी दौरान रामबहादुर ने बुधराम पर पहले तो सूंढ़ से हमला किया। फिर महावत जब उसे काबू करने की कोशिश करने लगा तो दोबारा हमले में बुधराम जमीन पर गिर पड़ा। जिसे रौंदते हुए रामबहादुर आगे निकल गया। हजारों किलो के वजनी हाथी के कुचलने से महावत बुधराम की मौके पर ही मौत हो गई।

दो साल पहले एक रेंजर की भी हुई मौत
अगस्त 2020 में भी इसी व्यस्क और विशालकाय रामबहादुर हाथी ने पन्ना टाइगर रिजर्व के रेंजर बीआर भगत को दातों में दबाकर मार डाला था। उस वक्त रेंजर गंगऊ के क्षेत्र में मृत पाए गए टाइगर के मामले में ट्रेकिंग कर रहे थे। एक, दूसरे टाइगर की हालत जानने रेंजर जंगल का भ्रमण कर रहे थे, तभी अचानक गुस्साएं रामबहादुर ने भगत पर हमला कर दिया और अपने नुकीले दांतों में दबाकर उनकी जान ले ली थी ।

टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों में दहशत
मृतक महावत बुधराम रोतिया मूलतया छतीसगढ़ का रहने वाला था। इस घटना से पन्ना टाइगर रिजर्व के अन्य कर्मचारियों में हडकंप मचा हुआ है। वन्य प्राणियों का ख्याल रखने वाले लगातार हमले का शिकार हो रहे है। इस घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने भी अन्य कर्मियों से सतर्क रखने कहा है । प्रबंधन ने मृतक महावत बुधराम के परिजनों को 2 लाख रुपए की तात्कालिक सहायता मुहैया कराई है । 4 लाख रुपए और मदद के रूप में बाद में दिए जाएंगे।
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