बारिश में अब खूब लगाओ कड़ाही में तड़का, खूब खाओ समोसे-आलू बंडे, तेल दामों में आई गिरावट
बारिश का खुशनुमा मौसम हो तो, तेल में तले गरमा गरम आइटम की याद आ ही जाती है। पर गृहणियां अभी तक अपना हाथ सिकोड़कर ही किचिन चला रही थी, क्योकि खाद्य तेल के दामों का मीटर बढ़ता ही जा रहा था। Fall in the prices of edible oil,
जबलपुर, 30 जून: जिस तरह मानसून ने मेहरबानी दिखाई है, उसी तरह खाद्य तेल के बढ़ते दामों में आई कमी ने भी बड़ी राहत दी है। बारिश के मौसम में तेल के दामों में आई करीब चार सौ रुपए की गिरावट से गृहणियों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश में बौछारों के बीच गरमा-गरम जायकों का अब दिल खोलकर आप भी लुत्फ़ उठा सकते हैं।

अब नहीं रुलाएगा कड़ाही का तड़का
बारिश का खुशनुमा मौसम हो तो, तेल में तले गरमा गरम आइटम की याद आ ही जाती है। पर गृहणियां अभी तक अपना हाथ सिकोड़कर ही किचिन चला रही थी, क्योकि खाद्य तेल के दामों का मीटर बढ़ता ही जा रहा था। अब गृहणियों के साथ गरमा-गरम तेल में बने आइटम की फरमाइश करने वालों को चिंता करने की कोई जरुरत नही है। अच्छी खबर यह है कि पिछले एक पखवाड़े से खाद्य तेल के दामों में लगातार गिरावट जारी है। थोक तेल कारोबारियों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले दस दिनों में प्रति टीन लगभग 400 रुपए गिरावट आई है।

अब गर्म होगी मानसून फ़ूड की चौपाटी
मार्केट में भी चौपाटी पसंद लोगों को खाना-पीना महंगा पड़ रहा था। खाद्य तेल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण स्ट्रीट फ़ूड मार्केट भी ठप्प पड़ा था। पहले के मुकाबले दुकानदारों की आय भी आधी हो गई थी, क्योकि ग्राहकी ही नहीं थी। इस वजह से कई दुकानदारों ने सिर्फ चुनिंदा आइटम बनाकर बेंचने में अपनी सलामती समझी। अब तेल के दामों में कमी आने के बाद चौपाटी मार्केट का कारोबार बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। एक बार फिर खानपान के शौक़ीन लोगों की डिमांड को देखते हुए रेस्ट्रोरेन्ट और फास्टफूड सेंटर में पहले की ही तरह सभी वैरायटी रखना शुरू हो गई है।

खुदरा बाजार में 10 से 25 रुपए प्रति लीटर की गिरावट
बाजार में अलग-अलग ब्रांड के हिसाब से खाद्य तेलों के दामों में कमी देखने को मिल रही है। सोयाबीन, सरसों और वनस्पति घी के रेट में ज्यादा गिरावट आई है। मई में करीब 2750/- रुपए में मिलने वाला सोयाबीन तेल का टीन अब 2300/- रुपए में बिक रहा है। इसी तरह वनस्पति घी करीब 600/- और सरसों तेल 400/- रुपए प्रति टीन दामों में गिरावट हैं।

इसलिए कम हुए तेल के दाम
बढ़ती महंगाई से आम इंसान पहले से त्रस्त था, ऊपर से कुछ महीनों पहले खाद्य तेल के दामों में लगतार जारी बढ़ोत्तरी ने लोगों को हलाकान कर दिया था। तेल के बढ़ते दामों के इस खेल के पीछे कई वजहें बताई जाती रही। लेकिन अब कीमतों में आई कमी के पीछे सरकार के उस हस्तक्षेप को बड़ी वजह माना जा रहा है। कारोबारी जगत से जुड़े विशेषज्ञों की माने तो इंडोनेशिया सरकार ने बीते दिनों 23 मई से पॉम ऑयल के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। उसके बाद ही तेल के दामों में नरमी देखने को मिल रही है।

खाद्य तेल का भाव
तुलसी गोल्ड सोयाबीन तेल 15 किलो 2350, 15 लीटर 2200, सनफ्लावर तेल 15 लीटर 2700, सरसों तेल 15 लीटर 2300, मूंगफली तेल 15 किलो 2850-2900, 15 लीटर 2650, डालडा वनस्पति रुचि 15 लीटर 1900,नारियल तेल 15 किलो 3100, महाकोष 15 किलो 2400, 15 लीटर 2280, फॉर्चून 15 लीटर 2250, 15 किलो 2450
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