Chhindwara पांढुर्णा के गोटमार मेले में एक-दूसरे पर पत्थरों की बारिश, वर्षों पुरानी अजीब परंपरा, सैकड़ों घायल
Chhindwara News: यूं तो कही पथराव हो रहा हो तो इंसान उससे बचने की कोशिश करता हैं। ऐसी जगह जाने से वह तौबा कर लें. लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में एक ऐसी परंपरा है, जिसमें इंसान एक-दूसरे पर पथराव करते हैं।
हर इन्ही दिनों जाम नदी के संगम पर एक मेला आयोजित होता हैं। जो गोटमार मेले के नाम से प्रसिद्द हैं। हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन द्वारा यहाँ धारा 144 लगाईं गई। लेकिन गोटमार मेले में पत्थर के खेल में शामिल होने लोग हिचके नहीं।
इस बार संयोगवश आसमान से भी बारिश होती रही। इसी दौरान गोटमार का खेल शुरू हुआ। नाम के मुताबिक गोट यानि पत्थर का लोग उपयोग करते हैं। एक छोर के लोग दूसरे छोर पर मौजूद लोगों पर निशाना लगाकर पत्थर मारते हैं। इस बार इस खेल में दो सौ से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हुए। दो गंभीर रूप घायल लोगों को नागपुर रेफर किया गया हैं।

बीते कुछ दिनों से जारी बारिश के कारण जाम नदी का भी जल स्तर बढ़ गया था। लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर यहाँ एसडीआरऍफ़ और एनडीआरएफ की टीम पहले से ही तैनात कर दिया गया था। नदी में पानी अधिक होने के बावजूद लोग गोटमार खेलते रहे। यहां चंडी मां की पूजन-अर्चना के बाद जाम नदी के बीचो बीच पलाश का पेड़ लगाकर पूजा-अर्चना की जाती है। फिर पलाश के पेड़ पर झंडा लगाते ही गोटमार का खेल शुरू हो जाता हैं।
मेला स्थल और शहरभर में पुलिस बल तैनात किया गया है। पांढुर्णा में धारा 144 लागू की है। हथियारों के प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध लगाया है। मेला स्थल पर दो एएसपी, 7 एसडीओपी, 10 थाना प्रभारी, 30 एसआई, 50 एएसआई और करीब 500 एसएएफ, होमगार्ड, वन विभाग, जिला पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं। इस खेल के बाद मेले में क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए। मेले में कई और कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। जिसमें पुरानी परंपराए निभाई जाती हैं।
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