डर्टी पॉलिटिक्स: भाजपा के गुंडों को घर से निकाल-निकालकर मारेंगे, कैसे हो विकास जब कॉलोनी अवैध ?
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के बाद सियासी दलों के नेताओं की लोकल से लेकर लोकसभा तक तैयारियां शुरू हो गई हैं। जो उनके दफ्तर से लेकर सड़क तक नजर आ रहा है।
जबलपुर, 29 मई: भले ही लोकल, लेकिन चुनावी बिगुल बजने के बाद विधानसभा के लिए लार टपका रहे नेताओं ने खुद के जिंदा होने के सबूत देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सीट के लिए नॉमिनेट विवेक कृष्ण तन्खा के नामांकन के एक दिन पहले जबलपुर की उत्तर मध्य विधानसभा में जबरदस्त बबाल खड़ा हुआ। एक तरफ कांग्रेसी विधायक विनय सक्सेना के सम्मान की तस्वीर थी, तो दूसरी तरफ काले झंडे ऊँचे किये विरोधियों की तस्वीर। टकराव के हालात बने, लेकिन कांग्रेसी विधायक की जुबान से विरोध करने वाले भाजपा के गुंडों से कम नहीं थे। जिनमें से कई कमर में छुरे-चाक़ू खोंसे थे। क्षेत्र विकास के मुद्दे को लेकर जब मामला बढ़ा तो कांग्रेसी विधायक ने चुनौती देते हुए कह दिया कि भाजपा के इशारे पर गुंडागर्दी करने वालों को घर से निकाल-निकालकर मारेंगे।

सम्मान Vs विकास, किसमें कितना है दम ?
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के बाद सियासी दलों के नेताओं की लोकल से लेकर लोकसभा तक तैयारियां शुरू हो गई हैं। जो उनके दफ्तर से लेकर सड़क तक नजर आ रहा है। संस्कारधानी जबलपुर इसी सियासी जंग की एक तस्वीर छुट्टी के दिन रविवार की शाम नजर आई। उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक का कछपुरा ब्रिज के पास एक कॉलोनी में सम्मान समारोह था। सम्मान उस विकास को लेकर था, जिसके लिए जनता की आँखे पथरा गई थी। लेकिन इसी के जबाब में कछपुरा युवा संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट हुए लोगों के सवाल थे कि उनके क्षेत्र में न तो सड़क बनी, और न ही नाली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं। नाम विकास का लेकिन चेहरें अलग-अलग। तो टकराव जैसे हालात तो बनने ही थे। क्षेत्रीय कांग्रेसी विधायक विनय सक्सेना जब सम्मान मंच पर जा रहे थे, तो सामने से उन्हें काले झंडे दिखाते कुछ युवाओं के साथ भीड़ उनका विरोध कर रही थी। आलम यह हुआ कि विधायक को खदेड़ने के चक्कर में समर्थक-विरोधी आपस में धक्का-मुक्की करने लगे। जोर आजमाइश होने लगी कि किस में कितना है दम? वो तो गनीमत थी कि मौके पर पुलिस बल मौजूद था और स्थिति को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया।

गुंडागर्दी करने वालों को घर से निकाल-निकालकर मारेंगे !
सम्मान-विरोध के बीच जिस तरह का सियासी माहौल बना, उसनें कई सवालों को जन्म दे दिया है। विधायक सक्सेना का आरोप है कि यह विरोध प्रदर्शन राजनैतिक साजिश है। विरोध करने वालों में कई ऐसे चेहरें थे जो अपराधी किस्म हैं, और वह छुरे चाक़ू लेकर विधायक को धमकाने आये थे। सक्सेना ने चुनौती देते हुए कहा कि इस तरह के राजनैतिक षड्यंत्र भाजपा के इशारे पर हो रहें है। ऐसे हालातों में उन गुंडों को कांग्रेसी घर से निकाल-निकालकर मारेंगे जो भाजपा के इशारें पर इस तरह के षड्यंत्र रच रहें है। विधायक ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी सरकार को चेतावनी दी है यदि आने वाले वक्त में किसी भी तरह के अप्रिय हालात बनते है तो इसकी जबाबदारी शिवराज सरकार की होगीं ।

विधायक के लापता पोस्टर भी किये गए थे चस्पा
इस घटनाक्रम के कुछ दिनों पूर्व इस इलाके में कांग्रेसी विधायक विनय सक्सेना के लापता होने पोस्टर भी चस्पा किये गए थे। उस वक्त भी प्रदर्शन करने वाली समिति की यही मांगे थी। विधायक विरोधी क्षेत्रीय लोगों का आरोप था कि उनके इलाके में विकास को लेकर विधायक गंभीर नहीं है। उनके साढ़े चार साल के विकास कार्य में क्षेत्र में न तो सड़कें बनी, और न ही पेयजल, नाली निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाओं का उन्हें लाभ मिला। हालाँकि जानकारी मांगने पर यह बताने कोई तैयार नहीं हुआ कि विधायक के लापता होने के पोस्टर किसने चस्पा किये थे?

विकास की मांग करने वालों की कॉलोनी अवैध !
काफी देर चले इस सियासी ड्रामे के बीच कांग्रेसी विधायक विनय सक्सेना का विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि उनके इलाके की उपेक्षा हो रही है। इतनी दुर्दशा इससे पहले भाजपा विधायक के कार्यकाल में नहीं रही। विरोधियों का कहना था कि वह सामान्य रूप से अपनी मांगों को लेकर विधायक सक्सेना से मिलना चाहते थे। लेकिन विधायक जी के साथ गाड़ियों में भरकर आये कुछ गुंडे माहौल बिगाड़ने लगे। वही विधायक विनय सक्सेना का कहना था कि भाजपा की गढ़ कहे जाने वाली इसं सीट से जब से वह विधायक बने है, उन्होंने कछपुरा की इस कॉलोनी में विधायक निधि से लगभग 75 लाख रुपये और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने 26 लाख रुपये के विकास कार्य कराये है। कानूनन उक्त कॉलोनी अवैध है, लिहाजा यहाँ के अन्य विकास कार्यों की जिम्मेदारी सरकार की हैं। क्योकि विधायक निधि से विकास कार्यों के लिए मिलने वाली कुल राशि का विधानसभा क्षेत्र के अन्य इलाकों में भी उपयोग करना जरुरी है।
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