मप्र हाईकोर्ट ने OIC पर ठोका 10 हजार का जुर्माना, कोविड पीरियड में कम अंक वाले को ज्वाइनिंग देने का मामला
MP High Court imposed a fine of 10 thousand on OIC, case of joining in the covid period राम पटेल नाम के अभ्यर्थी ने न्याय के लिए मप्र हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि कोरोनाकाल के दौरान राष्
जबलपुर, 21 मई: मप्र में एक बार फिर सरकारी विभाग के दामन पर अदालती आदेश की अवहेलना करने दाग लगा है। हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राज्य सरकार की ओर से नियुक्त OIC पर दस हजार रुपये जुर्माने की कास्ट लगाईं है। यह मामला कोविड काल में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी से जुड़ा है। जिसके सिलसिले में अदालत बार-बार OIC को जबाब देने का निर्देश जारी करती रही, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

इस सिलसिले में राम पटेल नाम के अभ्यर्थी ने न्याय के लिए मप्र हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि कोरोनाकाल के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हुई जो नियुक्तियां हुई है, उस दौरान भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित तत्कालीन आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया। व्यक्ति विशेष को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से जिन अभ्यर्थियों के अंक कम थे, उनका भी चयन कर लिया गया। जबकि याचिकाकर्ता भी चयनित श्रेणी में शामिल था और उसके ज्यादा अंक थे। सुनवाई करते हुए सरकार की ओर से नियुक्त ओआईसी को बार-बार मौका देने के बाद भी जवाब नहीं पेश किया गया। जिसके बाद हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विशाल धगट ने जुर्माने की कार्रवाई की है। मामले की अगली सुनवाई जून में की जाएगी।
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