MP election 2023: जबलपुर सिहोरा कांग्रेस प्रत्याशी एकता ठाकुर के जाति प्रमाण पत्र में पेंच! HC पहुंचा मामला
MP election 2023 Jabalpur: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण की नाराजगी को लेकर उठे बवंडर की वजह से जहां कांग्रेस को चार सीटों पर प्रत्याशी बदलना पड़े, तो वहीं अब जबलपुर की सिहोरा सीट से घोषित प्रत्याशी के जाति प्रमाण पत्र का मामला सिर दर्द बन सकता हैं। सर्टिफिकेट की वैधानिकता को लेकर मामला हाई कोर्ट पहुंच गया हैं।
जिले की कुण्डम तहसील की रेणुका बाई और नवल सिंह बरकड़े की ओर से एमपी हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई हैं। आरोप लगाया गया है कि एकता ठाकुर का जाति प्रमाण पत्र फर्जी हैं। वह अनुसूचित जाति वर्ग की नहीं हैं। लिहाजा प्रमाण पत्र की वैधानिकता की जांच होना चाहिए।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि अनावेदक एकता ठाकुर ने राजनीतिक लाभ लेने के मकसद से जाति प्रमाण पत्र बनवाया हैं। कोर्ट ने याचिका की गंभीरता को देखते हुए सरकार सहित जबलपुर कलेक्टर, एडिशनल कलेक्टर ग्रामीण और कांग्रेस प्रत्याशी एकता ठाकुर को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है।
मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद तय की गई हैं। आपको बता दें कि जिला पंचायत के चुनाव के वक्त भी एकता का यह मामला सुर्ख़ियों में रहा। उस वक्त प्रत्याशी घोषित होने के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए प्रबल दावेदार थी। लेकिन अब एक बार एकता की जाति प्रमाण पत्र का जिन्न बाहर आ गया हैं। दूसरी तरफ 17 नवंबर को एक चरण में एमपी में वोटिंग हैं। कांग्रेस ने सिहोरा से एकता ठाकुर को प्रत्याशी घोषित किया हैं। कोर्ट की अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद के हिसाब से मतदान और मतगणना हो चुकेगी। हालांकि सवैधानिक मापदंडों के लिहाज से यदि प्रमाण पत्र वास्तव में गड़बड़ पाया गया और वह चुनाव में निर्वाचित हुई तो बाद में भी निर्वाचन शून्य हो सकता हैं। इधर एकता ठाकुर का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और फैसला उनके हक़ में ही आएगा।












Click it and Unblock the Notifications