MP Congress में चुनाव के पहले 'भगवान की पंजीरी की तरह बट रहे थे पद', Jabalpur के 2 महामंत्री का इस्तीफा
MP Congress: मध्य प्रदेश कांग्रेस खेमे में कलह अब इस्तीफों के रूप में बाहर आने लगी हैं। कमलनाथ के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दूसरे पदों पर आसीन नेता पद छोड़-छोड़कर भाग रहे हैं। जबलपुर में 7 सीट गंवाने वाली कांग्रेस के दो प्रदेश महामंत्री ने भी इस्तीफा दे दिया।
जबलपुर कांग्रेस नेता पंकज पांडे और एडवोकेट अशोक गुप्ता को चुनाव के कुछ दिन पहले ही प्रदेश महामंत्री के पद से नबाजा गया था। चुनाव के नतीजे आए हफ्ता भर भी नहीं गुजरा, उनका इस पद से मैन भर गया। दोनों ने एक साथ प्रदेश संगठन को इस्तीफ़ा भेज दिया।
एक के बाद एक इस्तीफों की लगी ऐसी झड़ी में कांग्रेसी राजनीति की अलग तरह की बयार हैं। नेता पद हासिल करने क्या नहीं करते, लेकिन जबलपुर में तो नेता उन पदों को ठोकर मारते नजर आ रहे हैं। ऐसा भी नहीं कि यहां कांग्रेस पहली बार हारी लेकिन इस हार के बदले जो जख्म उभरे हैं, उन पर मरहम लगाने की नेताओं को यही तरकीब सूझ रही हैं।

अंगद की तरह पैर जमाए छोड़ों कुर्सी
इस्तीफ़ा दे रहे नेताओं के अपने अलग तरह के बयान हैं। जबलपुर के अशोक गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को अब नई उम्र के उर्जावान लोगों के पैरों पर खड़ा होना होगा। चुनाव से चार दिन पहले उन्हें महामंत्री बनाया गया है, जो बड़ा सवाल हैं। उत्तर मध्य सीट पर चुनाव प्रभारी भी रहे। गुप्ता बोले कि यह सिर्फ इस्तीफ़ा नहीं बल्कि संदेश है पार्टी के के उन लोगों के लिए भी जो वर्षों से किसी पद पर जमा हैं और कांग्रेस हारते आ रही है, वह भी कुर्सी से उठे।
भगवान की पंजीरी की तरह पद
गुप्ता की ही तरह इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज पांडे का अलग तरह का दर्द दिल से बाहर आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के द्वारा कभी भी सही वक्त पर सही फैसले लिए ही नहीं जाते। वो सच्चे कांग्रेस के सिपाही बनकर काम करते आए हैं। नगर निगम में पार्षद भी रह चुके हैं। उन्होंने कभी पद नहीं मांगा, लेकिन एन चुनाव के वक्त उपकृत करने के इरादे से पद ऐसे बाटे जैसे कांग्रेस में भगवान के प्रसाद के पंजीरी बट रही हो। भोपाल पहुंचकर लोगों में चुनाव जीतने के बजाय महामंत्री और दूसरे पद हासिल करने की होड़ मची थी। चुनाव जीतने और जितवाने पर किसी का भी ध्यान नहीं था।













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