हंगामे की भेंट चढ़ी जबलपुर नगर निगम सदन की बैठक, बदइंतजामियों से तमतमाया विपक्ष
जबलपुर नगर निगम सदन की बैठक में तीखी तकरार हुई। सफाई और पानी का मुद्दा गूंजता रहा और विपक्ष के आरोपों की बौछार होती रही। इससे तिलमिलाया सत्ता पक्ष विपक्ष को अपने पुराने कार्यकाल की याद दिलाने में जुट गया।

Meeting of Jabalpur nagar nigam House: गर्मी के सीजन में जबलपुर नगर निगम का सदन सफाई, सड़क, बिजली और पानी के मुद्दों पर गरमाया हुआ हैं। लंबे अरसे बाद कांग्रेस के हाथ आई सत्ता के सामने विपक्ष के तेवर कड़े हैं। भाजपा पार्षदों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर जमकर भड़ास निकाली। नेता प्रतिपक्ष कमेलश अग्रवाल ने सत्ता पक्ष पर वादा खिलाफी के आरोप लगाते हुए कई अफसरों को भी आड़े हाथों लिया। इस दौरान पूरा सदन हंगामे से गूंजता रहा।

जबलपुर नगर निगम की साधारण सभा की बैठक आरोप प्रत्यारोप का अखाड़ा बन गई। कांग्रेस के कार्यकाल में शहर के कई वार्डों में चौपट सफाई व्यवस्था पर विपक्ष ने जमकर घेरा। स्वास्थ विभाग प्रभारी एमआईसी मेंबर अमरीश मिश्रा ने सफाई ठेका बढ़ाने का प्रस्ताव रखा तो विपक्ष बिफर गया। नेता प्रतिपक्ष कमेलश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी सत्ता फिजूल खर्ची पर तुला हैं। सफाई का जिस कंपनी को जिम्मा मिला था, वह मनमाने ढंग से काम करती रही। जिस पर अधिकारियों का भी कोई नियंत्रण नहीं रहा। उसके बावजूद सत्ता पक्ष स्वार्थ के चलते संबंधित कंपनी की ठेका अवधि बढ़ाना चाह रहा हैं।
पानी के मुद्दे पर भी बीजेपी पार्षदों ने सत्ता पक्ष पर हमला बोला। पार्षद महेश राजपूत ने आरोप लगाए कि पेयजल सप्लाई की मेन लाइन जब चाहे बर्स्ट हो रही हैं। इस वजह से हफ्ते भर तक कई वार्ड प्यासे हैं। गर्मी सिर पर है और अधिकारियों ने अभी तक पेय जल सप्लाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की। बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई। जिस पर सदन अध्यक्ष ने कमिश्नर को निर्देश दिए कि अगली बैठक में जल विभाग की कार्ययोजना सदन पटल पर पेश की जाए। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू बोले कि जिन इलाकों में पानी समस्या बनी वहां टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति की गई। 83 स्थानों पर नगर निगम द्वारा बोरिंग कराई जा रही है। पहली बार नगर निगम 40 टैंकरों से जलसंकट क्षेत्रों पानी पहुंचाएगा।












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