Local Election: तैयार हो गया ‘चुनावी अग्निपथ’, मैदान छोड़ भागे प्रत्याशियों से किसी को राहत तो किसी को चुनौती
मप्र के स्थानीय निकाय चुनाव की बिछी बिसात की तस्वीर अब बिल्कुल साफ़ हो गई है। प्रदेश की सबसे पहली नगर पालिक निगम जबलपुर पर भी सभी की निगाह टिकी है।
जबलपुर, 22 जून: किसी खेल के मैदान की तरह चुनावी मैदान में भाग्य आजमाने वाले खिलाडियों की असली अग्निपरीक्षा अब शुरू हो गई है। मप्र के नगरीय निकाय चुनाव के लिए नाम वापसी के आखिरी दिन सभी की निगाह बागियों और वोट काटू निर्दलियों पर थी। दोपहर के तीन बजते ही चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों की तस्वीर साफ़ हो गई। महाकौशल अंचल की धुरी माने जाने वाले जबलपुर शहर के नगर-निगम चुनाव में महापौर पद के 11 और कुल 79 वार्ड पार्षदों के लिए 364 प्रत्याशी मैदान में हैं।

तैयार हो गया चुनाव का ‘अग्निपथ’
मप्र के स्थानीय निकाय चुनाव की बिछी बिसात की तस्वीर अब बिल्कुल साफ़ हो गई है। प्रदेश की सबसे पहली नगर पालिक निगम जबलपुर पर भी सभी की निगाह टिकी है। चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों के नाम वापिसी का सिलसिला ख़त्म होते ही प्रत्याशियों को चुनाव चिन्हों का आवंटन भी कर दिया गया। महापौर पद के लिए किस्मत आजमाने कुल 16 प्रत्याशियों ने नाम-निर्देशन-पत्र दाखिल किए थे, जिसमें एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया था। इसके बाद नाम-वापिसी के आखिरी दिन 3 महापौर प्रत्याशियों ने चुनाव से अपने नाम वापस ले लिया। इसी तरह 79 वार्ड के पार्षदों के लिए हुए कुल 564 आवेदनों में से 12 आवेदन कई खामियों की वजह से निरस्त हो गए और 189 प्रत्याशियों ने चुनाव मैदान छोड़ दिया। इस तरह चुनाव मैदान में अब महापौर पद के लिए कुल 11 और पार्षद पद के लिए कुल 375 प्रत्याशी चुनावी पिच पर डटे है। अब सभी की निगाह चुनाव के तैयार 'अग्निपथ' पर है।

इन महापौर प्रत्याशियों ने छोड़ा चुनावी मैदान
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के साथ सभी दलों और कई निर्दलियों में चुनाव लड़ने की होड़ मची थी। टिकट वितरण से लेकर नामांकन दाखिले तक तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। खासतौर पर महापौर पद के लिए निर्वाचन दफ्तर में ऐसे चेहरे भी फॉर्म जमा करने पहुंचे, जिन्होंने चुनावी पंडितों को दूसरे समीकरण तैयार करने मजबूर कर दिया था। लेकिन चुनाव प्रक्रिया में नाम वापिसी के आखिरी दिन जब प्रत्याशियों की तस्वीर साफ़ हुई तो अब अलग ही गणित लगाया जाने लगा है। महापौर प्रत्याशी के तौर पर शिव सेना से ठाणेश्वर महावर, आम आदमी पार्टी से रईस वली, बसपा से राकेश समुंद्रे, निर्दलीय नवल गुप्ता ने नाम वापस लिया।
अब ये महापौर प्रत्याशी रह गए मैदान में
| क्रमांक | प्रत्याशी का नाम | पार्टी |
| 1 | जगत बहादुर सिंह अन्नू | भाराकां |
| 2 | डॉ. जितेंद्र जामदार | भाजपा |
| 3 | लखन अहिरवार | बसपा |
| 4 | कु. रश्मि पोर्ते | गोंगपा |
| 5 | सचिन गुप्ता | एसआइपी |
| 6 | विनोद पटैल | जेडीयू |
| 7 | भूपेंद्र मेहरा | निर्दलीय |
| 8 | इंद्रकुमार गोस्वामी | निर्दलीय |
| 9 | राजेश सेन-राजू | निर्दलीय |
| 10 | राजकुमार त्रिपाठी | निर्दलीय |
| 11 | शशि स्टैला | निर्दलीय |

शिवसेना और आप’ को नहीं मिला बी-फॉर्म
चुनाव मैदान छोड़ने वाले चाहे महापौर प्रत्याशी हो या फिर पार्षद उम्मीदवार, नाम वापस लेने के पीछे सभी की अपनी-अपनी कहानी हैं। कोई पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए बी-फॉर्म उपलब्ध न होने की दलील दे रहा है ,तो किसी ने उस पार्टी को ही कटघरे में खड़ा कर दिया जिससे उसे टिकट मिला। ऐसी स्थितियों में सियासत का बाजार भी गर्म है। शिवसेना के ठाणेश्वर महावर का कहना है कि महाराष्ट्र में चल रही सियासी उठापटक के कारण उनका बी-फॉर्म नहीं आ। इधर आम आदमी पार्टी के रईस वली ने चुनाव मैदान छोड़ने के पीछे पार्टी को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। उनके मुताबिक पार्टी ने जिस आधार पर टिकट दिया, बाद में बी-फॉर्म न देकर धोखा किया। यदि चुनाव लड़ने पर पार्टी को कोई रोक लगाना थी तो टिकट देने और फॉर्म जमा करने के पहले क्यों नहीं बताया? आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार पर आम पब्लिक के साथ भाजपा नेताओं की भी गहरी नजर थी।

अब सभी की नजर तूफानी प्रचार और वादों पर
चुनाव में उतरे प्रत्याशियों की स्थिति फाइनल होने के बाद अब चुनाव प्रचार जोर पकड़ेगा। हालाँकि टिकट फाइनल होते ही प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट गए थे, लेकिन अब इसमें और गति आएगी। आम मतदाता के घर-घर जाकर समर्थन जुटाने के तरीकों पर भी जनता की नजर है। कौन सा नेता इस बार उनक इलाके के लिए कौन सा जमीनी वादा कर रहा है, मतदाता इसे भी भांप रहे है। वही प्रत्याशी और पार्टी समर्थक भी जगह-जगह दस्तक देकर जनता का मन टटोलने में लगे है कि किसी भी सूरत में जीतने लायक वोटों से उनकी झोली भर जाए। मुख्य मुकाबला हर बार की तरह इस बार भी भाजपा-कांग्रेस के बीच ही है।
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