Kavi Sammelan में हूटिंग से मंच छोड़कर भागे कवि! जबलपुर के जैन समाज के मशहूर आयोजन में कुछ युवकों की करतूत
एमपी के जबलपुर में जैन समाज द्वारा कवि सम्मलेन आयोजित हुआ। लेकिन इस बार यह विवादों में घिर गया। कुछ युवकों की हूटिंग से परेशान कुछ कवियों को अपनी प्रस्तुति छोड़कर भागना पड़ा।

Kavi Sammelan: देश के प्रसिद्द कवि सम्मलेन आयोजनों में शुमार जबलपुर के जैन नवयुवक संस्था के कवि सम्मलेन में कवियों की जमकर हूटिंग हुई। श्रोता बनकर पहुंचे कुछ युवकों ने जब लगातार माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया, तो कुछ कवि मंच से भाग खड़े हुए।

सोशल मीडिया के ज़माने में जहां कवि सम्मेलनों की रौनक खत्म हो रही हैं, वहीं करीब 6 दशक से मध्य प्रदेश के जबलपुर की पहचान कमानिया गेट का 'कवि सम्मलेन' आज भी परंपरा को कायम रखे हैं। जिसकी देश के बड़े कवि सम्मलेन आयोजनों में गिनती होती हैं।
इस बार यह गरिमा तार-तार हो गई। मंच के सामने बैठे श्रोताओं में युवक भी शामिल थे। 5-6 युवकों ने कवि सम्मलेन के दौरान कुछ कवियों की हूटिंग शुरू कर दी। संबंधित कवियों और मंच संचालक ने उनसे ऐसा न करने का निवेदन भी किया। लेकिन उनकी हरकते बंद नहीं हुई।

महावीर जयंती के अगले दिन जैन नवयुवक संस्था यह आयोजन करती हैं। इसका पूरे शहर को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार ओज कवि आशीष अनल, सुन्दर मालेगावी, अनिल चौबे, पार्थ नवीन, गोविंद राठी बुलाए गए थे। महिला कवियत्री में मुमताज नासिम और सपना सोनी भी पहुंची।
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वाराणसी से आए हास्य कवि अनिल चौबे और गोविंद राठी जब मंच पर अपनी प्रस्तुति दे रहे थे, तभी युवकों ने उनकी प्रस्तुति पर हूटिंग करना शुरू कर दी। उन्हें रोकने के बावजूद जब वह नहीं माने तो पहले तो उन्होंने अपनी प्रस्तुति बंद कर दी, बाद में दोबारा ऐसी ही स्थिति निर्मित होने पर कुछ कवि मंच से चलते बने।

इस स्थिति को कवियों ने भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आयोजक संस्था के अध्यक्ष गौरव जैन का कहा है कि वह उस वक्त किसी दूसरे कार्य में व्यस्त थे। गौरव बोले कि कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करने वाले युवकों ने समाज को भी शर्मसार किया।

वहीं समाज के कुछ लोगों ने कहा कि ऐतिहासिक कवि सम्मलेन की श्रेणी में जबलपुर का यह आयोजन भी रहता हैं। इस बार शामिल किए गए कुछ कवियों को रिपीट किया गया। साथ ही पुरानी रचनाओं की ही प्रस्तुति दी जा रही थी।

मंच संचालन कर रहे कवि गोविंद राठी भी मंच को बांधने में समर्थ नहीं रहे। इस वजह से कुछ युवकों ने हूटिंग शुरू की। जो उचित नहीं था। लेकिन समाज के सहयोग से होने वाले इस बड़े आयोजन में आयोजकों को लोगों की भावनाओं का भी ध्यान देना चाहिए।
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