TN Cabinet Expansion: 59 साल बाद तमिलनाडु सरकार में शामिल होगी कांग्रेस, विजय कैबिनेट में शपथ लेंगे दो विधायक
Tamil Nadu Cabinet Expansion: तमिलनाडु की राजनीति में 21 मई, गुरुवार को एक ऐसा ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसने पिछले छह दशकों के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के नेतृत्व वाली नई सरकार में आज कांग्रेस औपचारिक रूप से शामिल होने जा रही है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के अनुसार कांग्रेस के दो वरिष्ठ विधायक कैबिनेट मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

सूबे के नए मुख्यमंत्री और टीवीके (TVK) प्रमुख विजय की कैबिनेट का आज विस्तार होने जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खड़गे ने बुधवार, 20 मई की रात तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल होने वाले अपने दो विधायकों के नामों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
कौन हैं वे दो विधायक जो आज बनेंगे मंत्री?
कांग्रेस आलाकमान की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद आज राजभवन में होने वाले सादे समारोह में ये दो चेहरे मंत्री पद की शपथ लेंगे:
एडवोकेट राजेश कुमार (INC MLA): अपनी मजबूत कानूनी पृष्ठभूमि और क्षेत्र में पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
थिरु पी. विश्वनाथन (INC MLA): जमीन से जुड़े कांग्रेस के कद्दावर नेता, जिन्हें संगठन और विधायी कार्यों का लंबा अनुभव है।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर इस ऐतिहासिक पल की पुष्टि की। उन्होंने लिखा-"यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। कांग्रेस 59 साल के लंबे गैप के बाद तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल हो रही है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों विधायक तमिलनाडु की जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करेंगे और विपक्ष के नेता (LoP) व राहुल गांधी के जन-कल्याणकारी विजन को साकार करने के लिए काम करेंगे।"
59 साल का सूखा-1967 के बाद पहली बार सत्ता का स्वाद
तमिलनाडु के इतिहास में साल 1967 एक ऐसा मोड़ था जब द्रविड़ आंदोलन के उभार के बाद कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई थी। तब से लेकर आज तक, यानी पिछले 59 सालों से प्रदेश की सत्ता बारी-बारी से डीएमके (DMK) और एआईडीएमके (AIADMK) के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। कांग्रेस ने हमेशा इन दोनों क्षेत्रीय दलों के जूनियर पार्टनर के रूप में चुनाव लड़ा और कभी सरकार में शामिल नहीं हुई।
लेकिन साल 2026 के विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी 'टीवीके' ने दोनों द्रविड़ दिग्गजों को सत्ता से बेदखल कर एक नया इतिहास रच दिया। विजय को सरकार बनाने और फ्लोर टेस्ट पास करने के लिए कांग्रेस, वामपंथियों (CPI-M) और आईयूएमएल ने बिना शर्त समर्थन दिया था, जिसका इनाम अब कांग्रेस को कैबिनेट हिस्सेदारी के रूप में मिल रहा है।
राज्यसभा सीट पर टिकी कांग्रेस की नजरें
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का विजय सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होना केवल राज्य सरकार तक सीमित नहीं है। इसके पीछे दिल्ली की राजनीति का एक बड़ा गणित छिपा हुआ है।
राज्यसभा सीट की डील: सूत्रों के अनुसार, गठबंधन वार्ता के दौरान ही कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजय के सामने आगामी राज्यसभा चुनावों में अपनी पार्टी के लिए सीट का दावा ठोक दिया था।
संसद में मजबूती: संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में अपनी संख्या बल को बनाए रखने और मजबूत करने के लिए कांग्रेस के लिए तमिलनाडु से आने वाली सीटें बेहद महत्वपूर्ण हैं। कैबिनेट में शामिल होकर कांग्रेस ने विजय सरकार पर अपनी इस मांग को लेकर दबाव और मजबूत कर लिया है।
द्रविड़ कूटनीति के नए युग की शुरुआत
मुख्यमंत्री विजय ने बहुत ही कम समय में न केवल विधानसभा में अपना बहुमत साबित किया, बल्कि कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल को अपनी कैबिनेट का हिस्सा बनाकर यह संदेश दिया है कि वे गठबंधन सहयोगियों को साथ लेकर चलने की कला में माहिर हैं। आज का यह शपथ ग्रहण समारोह तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और एआईडीएमके के वर्चस्व के अंत और 'टीवीके-कांग्रेस' गठबंधन के एक नए युग की शुरुआत का आधिकारिक एलान है।














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