Delhi NCR Auto Taxi Strike: दिल्ली में 3 दिन की हड़ताल में क्या बंद-क्या चालू? यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट
Delhi NCR Auto Taxi Strike: देश की राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) में आज यानी गुरुवार, 21 मई 2026 से कमर्शियल गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों की तीन दिवसीय महा-हड़ताल (Chakka Jam) शुरू हो चुकी है।
सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, ऐप-आधारित कंपनियों की मनमानी और हाल ही में बढ़ाए गए पर्यावरण क्षतिपूर्ति उपकर (ECC) के विरोध में ट्रांसपोर्ट संगठनों ने यह कदम उठाया है।

इस हड़ताल का मिलाजुला असर सड़कों पर दिखने लगा है। जहां कई इलाकों में यात्रियों को ऑटो और कैब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के कुछ माध्यमों ने मोर्चा संभाल रखा है।
What Open and Closed Status: क्या बंद-क्या खुला, कहां आ रही है भारी दिक्कत?
यदि आप पूरी तरह प्राइवेट या ऐप-आधारित कमर्शियल साधनों पर निर्भर हैं, तो आपको निम्नलिखित सेवाओं में भारी किल्लत या रुकावट का सामना करना पड़ेगा:
ऐप-आधारित कैब सेवाएं (Ola, Uber और Rapido): ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित टैक्सियों और बाइक-टैक्सियों की उपलब्धता आज सुबह से बेहद कम है। कई ड्राइवरों के हड़ताल में शामिल होने के कारण कैब मिलना मुश्किल हो रहा है।
ऑटो-रिक्शा सेवाएं: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद की सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में ऑटो बहुत कम नजर आ रहे हैं। लोकल यूनियनों ने चालकों से स्वेच्छा से ऑटो न चलाने की अपील की है।
कमर्शियल टैक्सी ऑपरेशंस: एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों से चलने वाली काली-पीली टैक्सी और अन्य कमर्शियल टूरिस्ट टैक्सियों के पहिए भी थमे हुए हैं।
ऑफिस आवर्स में भारी वेटिंग टाइम: दफ्तर खुलने और बंद होने के पीक आवर्स (सुबह 8:30 से 11:00 और शाम 5:30 से 8:30) के दौरान यदि कोई कैब उपलब्ध होती भी है, तो उसका वेटिंग टाइम 30 से 45 मिनट तक आ रहा है।
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर ब्रेक: मेट्रो स्टेशनों, बस टर्मिनलों और बड़े कॉर्पोरेट हब (जैसे गुरुग्राम साइबर सिटी, नोएडा सेक्टर-62) से अंतिम छोर (Last-mile) तक पहुँचाने वाले शेयरिंग ऑटो और ई-रिक्शा न मिलने से नौकरीपेशा लोगों को पैदल चलना पड़ रहा है।
माल ढुलाई और ट्रकों की आवाजाही: एआईएमटीसी (AIMTC) के ट्रक और गुड्स व्हीकल ऑपरेटरों के शामिल होने से आजादपुर, ओखला और गाजीपुर मंडियों में माल की अनलोडिंग प्रभावित हुई है।
क्या पूरी तरह सामान्य रूप से चल रहा है?
राहत की बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन कही जाने वाली सरकारी और मास-ट्रांजिट सेवाएं इस हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं। ये सेवाएं पूरी तरह चालू हैं:
दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro): दिल्ली मेट्रो के सभी फेज और लाइनों (ब्लू, येलो, रेड, पिंक, वॉयलेट और मजेंटा लाइन) पर ट्रेनें अपने तय समय सारिणी के अनुसार बिना किसी रुकावट के चल रही हैं। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए स्टेशनों पर सुरक्षा और कतार प्रबंधन को कड़ा किया गया है।
DTC और क्लस्टर बसें: दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की हरी व लाल एसी बसें और क्लस्टर (नारंगी) बसें सड़कों पर पूरी तरह सक्रिय हैं। आनंद विहार, कश्मीरी गेट और सराय काले खां आईएसबीटी से रूटों पर बसें सामान्य रूप से चल रही हैं। निजी कारों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
यूनियनों की मुख्य मांगें क्या हैं?
ड्राइवर यूनियनों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से दिल्ली-NCR में ऑटो और टैक्सी किराए में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। यूनियनों की प्रमुख मांगें:
- ऑटो और टैक्सी किराए में तुरंत बढ़ोतरी
- बढ़े हुए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (Environment Compensation Cess) को वापस लेना
- Ola-Uber जैसी कंपनियों की मनमानी पर रोक
- कमर्शियल वाहनों पर सख्त नियमों में राहत
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इस मुद्दे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ चर्चा हुई है और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। वहीं यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जा सकता है।
यात्रियों के लिए ट्रैवल टिप्स
हड़ताल के इन तीन दिनों (21 से 23 मई) के दौरान किसी भी बड़ी परेशानी से बचने के लिए इन बातों का पालन करें:
- अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए केवल दिल्ली मेट्रो को ही अपनी पहली प्राथमिकता बनाएं।
- अपने सामान्य दफ्तर या अपॉइंटमेंट के समय से कम से कम 30-40 मिनट पहले घर से निकलें क्योंकि बस और मेट्रो में भीड़ अधिक हो सकती है।
- यदि मुमकिन हो, तो अपने सहकर्मियों या पड़ोसियों के साथ कारपूल (निजी गाड़ी शेयर करना) करें।
- रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट जाने के लिए आखिरी समय पर ऑनलाइन कैब बुक करने के भरोसे न रहें।
- पीक आवर्स के दौरान ऐप पर अत्यधिक किराया (Surge Pricing) दिखने पर पैनिक न हों, तुरंत बस या मेट्रो जैसे सरकारी विकल्पों का रुख करें।
जरूरी न होने पर इन तीन दिनों में दिल्ली की बड़ी थोक मंडियों और कमर्शियल ज़ोन की तरफ निजी वाहनों से जाने से बचें, क्योंकि वहां ट्रकों के विरोध प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। दिल्ली-NCR में अगले तीन दिनों तक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को पहले से यात्रा की योजना बनाकर निकलने की सलाह दी जा रही है।














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