Jabalpur News: कनपटी पर पिस्टल रखकर ले रहा था सेल्फी, इतने में दब गया ट्रिगर, धंस गई गोली
एमपी के जबलपुर में एक शराबी को हीरोगिरी दिखाना महंगा साबित हुआ। पैग लगाते कनपटी पर पिस्टल रखकर सेल्फी ले रहा था, इतने में पिस्टल का ट्रिगर दब गया और गोली आंख के नीचे धंस गई। ये तो गनीमत रही कि भेजे या सीधे आंख में गोली नहीं लगी। अस्पताल में करीब 20 दिन इलाज होने के बाद युवक की जान बची हैं। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है।

कहीं आप भी ऐसी सेल्फी के शौक़ीन नहीं है?
सोशल मीडिया के ज़माने में कई लोगों के लिए सेल्फी स्टेटस सिंबल बन गया हैं। फोटो में दूसरों से अलग दिखने की होड़ और चर्चा में आने के लिए तरह तरह से सेल्फी ली जा रही हैं। कुछ लोग तो स्टंट करते हुए भी नजर आते है। जिसमें लोग अपनी जान जोखिम में डाल लेते हैं। मप्र के जबलपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें कनपटी पर पिस्टल रखकर सेल्फी ले रहे युवक की जान पर बन आई।

सेल्फी लेते दब गया पिस्टल का ट्रिगर
जबलपुर के प्रेमनगर इलाके में रहने वाला रॉबिन जान उर्फ रॉबिन्सन इस घटना का शिकार हुआ। गढ़ा पुलिस के मुताबिक यह घटना 26 अक्टूबर को हुई थी। रॉबिन कही से घर पहुंचा तो बैठे-बैठे पिस्टल का खिलवाड़ करने लगा। उसके दिमाग में अलग ही तरह का फितूर सवार हुआ। लोडेड पिस्टल कनपटी पर रखकर सेल्फी लेने लगा। इस दौरान अंगुली पिस्टल की ट्रिगर पर ही थी। मोबाइल के सेल्फी कैमरे का बटन और पिस्टल का ट्रिगर दोनों एक साथ दब गए।

युवक की आंख के नीचे लगी गोली
गढ़ा टीआई के मुताबिक रॉबिन के इस सेल्फीकांड में पिस्टल से जब गोली चली तो उसकी आंख के नीचे लगी। गोली की आवाज सुनकर आसपड़ोस और घर के लोग घबरा गए। बुरी तरह घायल अवस्था में रॉबिन को फ़ौरन इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। आंख जैसी नाजुक जगह के पास लगी गोली को देखकर डॉक्टर भी हैरान हुए। ये तो गनीमत थी गोली सीधे सिर या आंख में नहीं लगी। नहीं तो स्थिति और दूसरी बन सकती थी।

नशे का आदी है रॉबिन, पिस्टल भी अवैध !
टीआई राकेश तिवारी के मुताबिक रॉबिन के घर वाले इस घटना को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। पड़ोसियों और अस्पताल की सूचना पर मामले का पता चला। बताया गया कि रॉबिन शराब पीने का आदी है। रोजाना नशे में धुत होकर घर लौटता है और तरह-तरह की हरकते भी करता है। सेल्फी लेते वक्त जिस पिस्टल से घटना हुई, वह भी अवैध थी। पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया हैं। रॉबिन हॉस्पिटल से डिस्चार्ज तो गया है, लेकिन उसके पूरी तरह से ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करेगी।

भूलकर भी न ले इस तरह कोई सेल्फी
मनोचिकित्सक डॉ. ओपी रायचंदानी बताते है कि कुछ लोगों में इस तरह सेल्फी लेने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। अलग ढंग से खुद को दिखाने की चाहत या फिर कोई ऐसा काम, जिसके वीडियो, फोटो सोशल मीडिया में अपलोड कर वाहवाही मिले, युवा इसकी तलाश में रहते है। इसके लिए वह किसी भी तरह के जोखिम उठाने भी तैयार हो जाते है। यह एक क्षणिक मेंटल डिसऑर्डर की श्रेणी में आता हैं। इस केस में युवक पहले से ही नशे में थे, अचानक मन में सेल्फी लेने के आए ख्याल में उसकी मानसिक उत्तेजना को और बढ़ा दिया। मेंटल परमीशन ऐसी स्थितियों का बड़ा कारक बन गई।












Click it and Unblock the Notifications