Indian Railways: जबलपुर डिवीजन में RPF का एसआई अरेस्ट, मिलीभगत से स्क्रैप रेल पटरी करवाता था चोरी
जबलपुर रेल मंडल के शहपुरा भिटौनी स्टेशन लाइन से गायब हुई स्क्रैप रेल पटरी चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ। गिरोह में आरपीएफ का एक एसआई भी शामिल रहा। जिसे अरेस्ट कर लिया गया हैं।

Indian Railways RPF's SI arrested in Jabalpur division: जबलपुर में रेलवे की स्क्रैप रेल पटरी चोरी मामले की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिस आरपीएफ पर रेलवे की सुरक्षा का जिम्मा है, उसी विभाग का एसआई चोरो के साथ मिला था। उसके संरक्षण में ही गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया।
जबलपुर शहर के शहपुरा-भिटौनी रेलवे स्टेशन के नजदीक से 45 टन से ज्यादा पटरी चोरी चली गई थी। मामला उजागर होने के बाद जब जांच आगे बढ़ी तो कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में आरपीएफ की भूमिका भी सामने आई है।

आरपीएफ में पदस्थ एसआई सुनील मिश्रा लोहा चोर गिरोह के साथ मिला था। जिसके संरक्षण में शहपुरा-भिटौनी के बीच रेल लाइन की बदली गई पटरी गायब हुई। इस मामले में शुरू से ही शक रेलवे से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों पर था।
जिस कबाड़ी के यहां से चोरी का लोहा बरामद हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, उनसे पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा हुआ। आरपीएफ अफसरों के भी होश उड़ गए, जब उन्हें मालूम हुआ कि विभाग का ही एसआई चोरो से मिला हुआ था।

चोरी की इस वारदात में आरपीएफ एसआई का संलिप्तता उजागर होने के बाद रेलवे हड़कंप मचा हुआ हैं। आरपीएफ ने एसआई को सस्पेंड भी कर दिया और विभागीय जांच शुरू हो गई है। आरोपी सुनील मिश्रा का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा हैं।
इससे पहले रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के दो कर्मचारी, ठेकेदार के अलावा ट्रक ड्राइवर, ट्रक मालिक, फैक्ट्री मैनेजर का नाम सामने आया है। ख़ास बात यह है कि अपने ही विभाग के कर्मचारी को आरपीएफ ने ही पकड़ा।

रेलवे की संपत्ति उसी के विभिन्न विभागों के लोगों के माध्यम से चोरी करवाने का यह खेल कब से चल रहा है, इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा हैं। इस मामले की खबर रेलवे मुख्यालय तक पहुंची है। जिसके बाद चोरी की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई रणनीति भी बनाई जा रही हैं।












Click it and Unblock the Notifications