Heavy Rains: बाढ़ में बहे पुल ऐसे दिख रहे जैसे ब्लास्ट हुआ हो, भारी बारिश से बालाघाट में बेकाबू हालात
बालाघाट, 17 अगस्त: मप्र के कई हिस्सों में जारी लगातार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई हैं। बालाघाट जिले के कई गांव भीषण बाढ़ की चपेट में है। कई जगहों पर बड़े-बड़े पुल और क्षतिग्रस्त सड़के ऐसी दिख रही है, जैसी उन्हें बारूद से ब्लास्ट किया हो। नदियां उफान पर और पुल क्षतिग्रस्त होने से कई मार्गों का जिले से संपर्क टूट गया है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को निकालने एसडीआरएफ टीम जुटी है। वही हवाई सर्वे कर प्रभावितों को मदद पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्य मार्ग का पुल हो क्षतिग्रस्त
बालाघाट जिले के सेवती सिंगोला मुख्य मार्ग को जोड़ने वाला केरेगांव देवलगांव पुल बह गया। तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारी बारिश इस जिले में किस तरह तांडव मचा रही है। प्रशासन ने SDRF की मदद से मोर्चा संभाला है। क्षतिग्रस्त हो रहे ऐसे पुल और सड़क मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। दोनों तरफ से आवाजाही करने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया हैं। नैनपुर मार्ग पर मानकुंवर नदी के पुल की भी यही स्थिति है। खतरे के निशान के कई फीट ऊपर तेज बहाव की वजह से पुल नजर ही नहीं आ रहा।

मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बनी चुनौती
बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में हालात इतने बिगड़ गए है कि मरीजों को तो अस्पताल पहुँचाने कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। पानी का बहाव तेज होने की वजह राहत बचाव में जुटी टीम तक कोई बड़ा जोखिम लेने तैयार नहीं है। 15 अगस्त के दिन एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी, जब कारंजा गांव की एक प्रसव पीड़ित महिला को सीजर ऑपरेशन के लिए बड़ी मशक्कत करना पड़ा। एसडीआरएफ टीम द्वारा सिंगोला नाले में बाढ़ होने की वजह से उसे नाव के द्वारा पार कराया गया। तब कही जाकर वक्त पर महिला लांजी हॉस्पिटल पहुंच सकी।

अभी तक करीब 300 लोगों का रेस्क्यू
जिले के उमरी, शंकरटोला, देवलगांव क्षेत्र में आई बाढ़ में सैकड़ों लोग फंसे हुए थे। जिन्हें बचाने SDRF की टीम मैदान में उतरी। राहत बचाव करते हुए प्रशासन ने तीन सौ लोगों को बाढ़ ग्रस्त इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार बाढ़ वाले क्षेत्रों का दौरा कर रहे है। आम लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए जा रहे है।

CM शिवराज भी रखें हुए है नजर
मप्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान भी चिंतित है। उन्होंने मंत्रालय स्तर से लेकर जिले के सभी अधिकारियों को जरुरी दिशा निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावितों की जान बचाई जा सकें। सीएम की पहली प्राथमिकता बाढ़ग्रस्त इलाके में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की है। लांजी विधायक हिना कांवरे भी इलाके का लगातार दौरा कर रही है। उन्होंने सरकार से रेस्क्यू के लिए कई जरुरी संसाधनों की मांग की है।

सैकड़ों एकड़ की फसलें चौपट
भारी बारिश की वजह से प्रदेश के कई इलाकों में खेत भी जलमग्न है। सैकड़ों एकड़ धान उत्पादक जिलों की पूरी फसलें चौपट हो गई है। इससे किसानों के अरमानों पर भी पानी फिर गया है। उन्हें अपनी आजीविका की चिंता सताने लगी है। उधर प्रदेश सरकार ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित या भारी बारिश के कारण जिन क्षेत्रों में किसानों को नुकसान हुआ है, उसकी सरकार भरपाई करेगी।
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