MP High Court का बड़ा फैसला, GST विभाग लौटाए 30 दिन में पेनाल्टी की राशि, नहीं तो लगेगा 6% ब्याज
जबलपुर, 12 अगस्त: मप्र में ई-वे बिल को लेकर GST विभाग द्वारा लगाई गई पेनाल्टी के एक मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। विभाग को कोर्ट ने पेनाल्टी की राशि 30 दिन के भीतर व्यापारी को लौटाने के आदेश दिए है। कोर्ट ने इस मामले में GST पर तल्ख़ टिप्पणी भी की। दरअसल एक व्यापारी की गाड़ी ख़राब होने के कारण उसका माल चार घंटे देरी से पहुंचा और उसका ई-वे बिल एक्सपायर हो गया था।

माल वाहक वाहन में खराबी आने के कारण ई-वे बिल यदि एक्सपायर हो गया, तो किसी के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता है। कुछ इस तरह की दलीलों के साथ मप्र हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया कि 25 मई 2022 को सरिया लेकर एक ट्रक रायपुर से डिंडोरी के लिए निकला था। व्यापारी का ई-वे बिल भी साथ था। लेकिन रास्ते में गाड़ी में खराबी आ गई और वह चार घंटे देरी से पहुंची तो उसके ई-वे बिल की मियाद ख़त्म हो गई। जिसे जीएसटी विभाग ने गैरक़ानूनी ठहराया, फिर 6 लाख 82 हजार रूपए की पेनाल्टी लगा दी। संबंधित व्यापारी द्वारा कई मिन्नतें की गई, वाजिब वजह भी बताई गई। पर विभाग के अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। व्यापारी ने किसी तरह उस वक्त पेनाल्टी तो भर दी, लेकिन जीएसटी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली गई।
30 दिन के भीतर वापिस करो पेनाल्टी
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता और जीएसटी विभाग द्वारा दी गई दलीलों को सुनने के बाद बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गाड़ी ख़राब होने के कारण 4 घंटे की देरी की वजह से एक्सपायर e-Way बिल के आधार पर पेनाल्टी को गलत ठहराया है। व्यापारी की तरफ से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अभिषेक ध्यानी ने कई प्रमाण भी प्रस्तुत किए थे। कोर्ट ने जीएसटी विभाग को निर्देश दिए है कि संबंधित व्यापारी को पेनाल्टी की पूरी राशि 30 दिन के भीतर लौटाई जाए। यदि निर्धारित अवधि में यह राशि नहीं लौटाई जाती है, तो विभाग 6 प्रतिशत के हिसाब ब्याज देने के लिए जिम्मेदार होगा। ई-वे बिल के मामले में एमपी में यह अलग तरह का मामला सामने आया है। व्यापारी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
ये भी पढ़े-मप्र में GST की बड़ी कार्रवाई, 8 कारोबारियों के यहाँ 7 करोड़ की टैक्स चोरी उजागर












Click it and Unblock the Notifications