Bageshwar Dham: धीरेंद्र शास्त्री ने अब मुस्लिम कम्युनिटी के बीच कथा करने का किया ऐलान, पहनावे पर की टिप्पणी
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने फिर नया विवाद खड़ा कर दिया है। एमपी के जबलपुर में चल रही कथा के दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय के बीच कथा करने का ऐलान किया है।

Bageshwar Dham Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुस्लिमों के चल रहे रमजान माह के वक्त एक और बड़ी बहस को जन्म दे दिया हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर में चल रही कथा के दौरान उन्होंने मुस्लिम कम्युनिटी के बीच कथा करने का ऐलान किया। हजारों लोगों से भरे पंडाल में कटनी के तनवीर खान नाम के शख्स का जिक्र भी किया। जिन्होंने कथा करवाने की इच्छा जताई हैं। इस दौरान उन्होंने मुस्लिमों को 'टोपी' के रूप में संबोधित करते हुए कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आने दो सभी को और एक होने दो।

बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री कथा पंडालों में कथा सुनकर जितने लोकप्रिय हो रहे है, उससे कही ज्यादा वह अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग उठा रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मध्य प्रदेश के जबलपुर में कथा चल रही हैं। तीसरे दिन कथा शुरू करते ही बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब वह मुस्लिमों के बीच भी कथा सुनाएंगे। इसकी शुरुआत एमपी के कटनी से होगी। भक्तों की खचाखच भीड़ के बीच पंडित जी की इस घोषणा को सुनकर वहां मौजूद लोग भी सन्न रह गए।
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पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि मुस्लिमों के बीच कथा करवाने की कटनी के तनवीर खान ने इच्छा जाहिर की हैं। तनवीर के आमंत्रण को उन्होंने स्वीकार कर लिया हैं। हालांकि अभी तारीख तय नहीं कि उनकी तीन दिन की प्रस्तावित कथा कब होगी? कथा होगी तो फिर दिव्य दरबार लगने की भी संभावना है। पंडित जी ने इस दौरान मुस्लिमों के पहनावे पर भी कटाक्ष किया। बोले कि- 'सब टोपी वालों को आने दो और सब को एक होने दो'।

उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसी कथा का पहला अवसर होगा। पंडाल में किसी के आजू-बाजू कौन बैठा है, यह कोई नहीं जानता। भगवान की कथा ही एकता और शांति ला सकती है। संसार को जोड़ने का माध्यम सिर्फ कथा ही हैं।

आपको बता दें कि मुस्लिम पुरुषों के द्वारा 'टोपी' पहनना उनके सम्मान का प्रतीक हैं। धार्मिक महत्त्व भी बताया जाता है। लोग टोपी पहनकर ही नमाज अदा करते हैं। इस बीच जिस अंदाज में धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्लिमों को टोपी वाला कहते हुए संबोधित किया, उस पर बड़ी बहस शुरू हो सकती हैं। मुस्लिम धर्मगुरु पंडित जी की कथा को अपने समुदाय के बीच इजाजत देते है या नहीं यह भी बड़ा सवाल हैं।












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