Li Qiang: टेस्ला को चीन लाने वाले ली चियांग पर शी जिनपिंग को क्यों है भरोसा? बनेंगे चीन के नए PM
चीन में प्रधानमंत्री राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली पद होता है। ली शंघाई में पार्टी के प्रमुख रहे हैं और कोरोना के दौरान इनकी निगरानी में ही सख्त लॉकडाउन लगाया गया था।

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चीन में नेशनल पिपुल्स कॉन्फ्रेंस की बैठक शुरू हो गई है। 13 मार्च तक चलने वाली यह बैठक चीन की राजनीति के लिए बहुत अहम है क्योंकि इसी दिन देश में नए प्रीमियर यानी कि प्रधानमंत्री का ऐलान किया जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था की संभालने की जिम्मेदारी लेने वाले इस पद पर ली चियांग की नियुक्ति हो सकती है इसकी संभावना सबसे अधिक है। क्योंकि शी जिनपिंग के जिन वफादारों की शीर्ष पदों पर तैनाती होनी है उनमें सबसे ऊपर ली चियांग का नाम है।
केकियांग की जगह लेंगे चियांग
शी चियांग, ली केकियांग की जगह लेंगे। व्यापक रूप से ऐसा माना जाता है कि हाल के वर्षों में उन्हें तेजी से दरकिनार कर दिया गया क्योंकि वे आर्थिक तौर पर देश को संभालने में असफल साबित हुए जिसके बाद शी जिनपिंग ने अर्थव्यवस्था के प्रबंधन पर अपनी पकड़ मजबूत कर लिया। चीनी नेतृत्व पर नजर रखने वालों के मुताबिक शी जिनपिंग और शी चियांग का कॉकटेल चीन विरोधी देशों के लिए मारक साबित होने वाला है क्योंकि दोनों का एक दूसरे पर गहरा यकीन है। ली चियांग को एक व्यावहारिक दिमाग वाला प्रभावी नौकरशाही को चलाने वाला और निजी क्षेत्र का समर्थक माना जाता है।
लॉकडाउन के लिए रहे 'कुख्यात'
ली चियांग शंघाई में पार्टी प्रमुख रहे हैं। शंघाई में कोरोना के दौरान इनकी निगरानी में ही ढ़ाई करोड़ लोगों पर सख्त लॉकडाउन लगाया गया था। यह लॉकडाउन इतनी कड़ाई से लागू किया गया था कि लोगों का जीना दूभर हो गया था। शहर की अर्थव्यवस्था बंद हो गई जिसने लोगों के मन पर गहरा निशान छोड़ दिया। ऐसा कहा जाता है कि शंघाई के लोगों के मन में आज भी ली चियांग के प्रति गहरी नफरत भरी हुई है। पिछले साल अक्टूबर में जब जब शी शिनपिंग ने नंबर-2 के रूप में ली चियांग का नाम लिया तो लोग आशचर्य और गहरी निराशा से भर गए।
'क्रेडिटखोर' नहीं हैं ली चियांग
ली चियांग की पृष्ठभूमि या उनके निजी जीवन के बारे में बहुत कम सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध है। इंटरनेट पर ली चियांग के जन्म के बारे में ढूंढ़ने पर वानजाउ के रुइयन काउंटी की जानकारी मिलती है। ऐसा मिलता है कि झेजियांग ही वह जगह थी जहां शी जिनपिंग और ली चियांग की गहरी दोस्ती हुई। शी जिनपिंग यहां 2004 से 2007 के बीच प्रांतीय पार्टी सचिव थे। इस दौरान ली चियांग उनके चीफ ऑफ स्टाफ थे। अमेरिकी लेखक रॉबर्ट लॉरेंस कुह्न के मुताबिक शी द्वारा ली को पसंद करने के पीछे एक बड़ी वजह ये भी है कि वे जिनपिंग की लाइमलाइट को चुराने की कोशिश नहीं करते। वह एक जिम्मेदार अधिकारी की भांति अपने बॉस को क्रेडिट देने में यकीन रखते हैं।
मस्क की टेस्ला को चीन लाए
चीन में टेस्ला फैक्ट्री लगाने का श्रेय ली जियांग को ही जाता है। यहां ली का ही प्रयास था कि टेस्ला के लिए चीन ने कोई शर्त नहीं रखी थी, जबकि आमतौर बिना शर्त के चीन में काम करना लगभग नामुमकिन है। जाहिर है ली की विचारधारा अर्धव्यवस्था को लेकर बेहद उदार है। ली चियांग को अर्थव्यवस्था और कारोबार से जुड़ी नीतियों का अनुभव रहा है, इसलिए इन्हें पीएम पद के लिए बेहतर उम्मीदवार माना जा रहा है। ली चियांग की पहचान एक ऐसे शख्स की है जो पार्टी के कठोर नियमों के बीच से रास्ता निकाल कर व्यापारियों का काम आसान कर देते हैं। इसलिए चीनी कारोबारियों के बीच इनकी पहचान पॉजिटिव रही है।












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