Modi Xi Summit live: आपका 'न्यू ऐरा' और हमारा 'न्यू इंडिया' दुनिया के लिए सही कदम: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेता साथ म में हुबई के म्यूजियम गए और यहां पर जिनपिंग ने म्यूजियम के बारे में मोदी को बताया। इससे पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ हैंडशेक किया और एक-दूसरे का अभिवादन किया।
वुहान। चीन के वुहान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने के बाद चीनी अधिकारियों के साथ बैठक की। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की ताकत मिलकर पूरी दुनिया का भला कर सकती है। साथ ही पीएम मोदी ने भारत में समिट करने के लिए चीन को न्यौता दिया है। पीएम मोदी, राष्ट्रपति जिनपिंग के लिए एक खास तोहफा भी लेकर गए हैं।

आपका 'न्यू ऐरा' और हमारा 'न्यू इंडिया' दुनिया के लाभ के लिए सही कदम
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ कांग्रेस) के टाइम पर जो आपका वक्तव्य था उसमें आपने 'नया दौर' की बात की और आज मैं भारत में 'न्यू इंडिया' की बात करता हूं। इतनी समान सोच है हमारी। आपके नए दौर का सपना और हमारे न्यू इंडिया का प्रयास विश्व के लाभ के लिए सही दिशा में कदम है।
हमारे ऊपर दुनिया की 40 % आबादी की जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने मीटिंग में कहा कि हमारे (भारत-चीन) पास दुनिया का 40 प्रतिशत आबादी की जिम्मेदारी है, इसका मतलब है कि हम सफलतापूर्वक दुनिया की कई समस्या छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे हैं। एक साथ काम करने के लिए हमारे पास एक बड़ा अवसर है। पीएम मोदी ने कहा कि हमें खुशी होगी कि हमें खुशी होगी कि 2019 में हम इस समिट का आयोजन करे। पीएम मोदी ने कहा कि मैं पहला पीएम हो सकता हूं, जिसके लिए चीन के राष्ट्रपति दो बार मेरी आगवानी के लिए राजधानी से बाहर आए और यह भारत के लोगों के लिए गर्व की बात है।
24 घंटे में छह मुलाकातें
हुबई म्यूजियम जाएंगे जहां बड़ी संख्या में एतिहासिक व सांस्कृतिक निशानियां मौजूद हैं। इसके बाद दोनों नेता वार्ता करेंगे जिसमें दोनों 24 घंटे में दोनों नेताओं के बीच छह मुलाकातें होंगी। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए लिखा है, 'एशिया की सबसे अहम मुलाकात में किम जोंग शामिल नहीं हैं।' पीएम मोदी गुरुवार देर रात वुहान पहुंचे हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात वुहान स्थित माओत्से तुंग के बंगले पर होगी। यह बंगला लेक ऑफ ईस्ट के वुछांग झील पर स्थित है और करीब तीन इमारतें हैं। दोनों नेता यहां पर या तो नाव की सवारी कर सकते हैं। पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग लंच के बाद मुलाकात करेंगे। वुहान जाने से पहले पीएम मोदी की ओर से बयान जारी किया गया। उन्होंने लिखा कि दोनों नेता बातचीत के जरिए एक विस्तृत आयाम के बारे में सोच रहे हैं।
कई अधिकारी भी मौजूद
पीएम मोदी के साथ नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (एनएसए) अजित डोवाल भी मौजूद हैं। दोनों नेता चर्चित ईस्ट लेक के किनारे डिनर करेंगे जो कि चीन के क्रांतिकारी नेता माओत्से तुंग की छुट्टियों दौरान पसंदीदा जगह रही है। इस मुलाकात के दौरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे और न ही कोई साझा बयान जारी किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन मुद्दों को सुलझाने पर सहमति बनाने का प्रयास है जो कि किसी समझौते की घोषणा के बजाय बाद की कार्रवाई पर होगा। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की बातचीत पहली बार हो रहा है। इस मुलाकात के दौरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे और न ही कोई साझा बयान जारी किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन मुद्दों को सुलझाने पर सहमति बनाने का प्रयास है जो कि किसी समझौते की घोषणा के बजाय बाद की कार्रवाई पर होगा। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की बातचीत पहली बार हो रहा है।












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