Social Media Ban: अब बच्चों के लिए पूरी तरह 'बैन' होगा सोशल मीडिया, फैसले से टेक जगत में हड़कंप
Germany Social Media Ban for Minors: जर्मनी में अब बच्चों और किशोरों के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक सख्त कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है। सत्तारूढ़ SPD और विपक्षी दलों के बीच इस बात पर सहमति बनती दिख रही है कि सोशल मीडिया की लत और उसके खतरनाक एल्गोरिदम से बचपन को बचाना अनिवार्य है।
ऑस्ट्रेलिया के कड़े कानूनों से प्रेरणा लेते हुए, जर्मनी में 14 से 16 साल के उम्र के दायरे में आने वाले किशोरों के लिए 'डिजिटल लक्ष्मण रेखा' खींचने की तैयारी है, ताकि उन्हें अंतहीन स्क्रॉलिंग और मानसिक तनाव से दूर रखा जा सके।

पूर्ण प्रतिबंध: 14 साल की आयु सीमा
प्रस्ताव के अनुसार, 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई है। नेताओं का तर्क है कि इस उम्र में बच्चों का मानसिक विकास नाजुक होता है और वे सोशल मीडिया के नकारात्मक पहलुओं, जैसे साइबर बुलिंग और फेक न्यूज को संभालने के लिए तैयार नहीं होते।
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Social media age limit Germany: 'यंग वर्जन'
- 14 से 16 साल के किशोरों के लिए एक विशेष 'यंग वर्जन' का सुझाव दिया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएं होंगी:
- एल्गोरिदम-फ्री फीड: इसमें आपकी पसंद के आधार पर कंटेंट नहीं दिखाया जाएगा।
- नो ऑटो-प्ले: वीडियो अपने आप नहीं चलेंगे, जिससे घंटों समय बर्बाद होने से बचेगा।
- अंतहीन स्क्रॉलिंग का अंत: फीड एक निश्चित समय के बाद रुक जाएगी।
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'डिफ़ॉल्ट ऑफ': एल्गोरिदम पर लगाम
केवल बच्चों ही नहीं, बल्कि 16 साल से अधिक उम्र के यूजर्स के लिए भी नियमों को सख्त करने की योजना है। प्रस्ताव के अनुसार, 'रिकमेंडेशन सिस्टम' को डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रखा जाएगा। यूजर्स को अपनी मर्जी से इसे चालू करना होगा, जिससे प्लेटफॉर्म्स को अपनी मर्जी का कंटेंट थोपने से रोका जा सके।
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social media algorithm restrictions: संघीय कानून और राज्यों की भूमिका
जर्मनी में मीडिया से जुड़े कानून राज्य सरकारों (States) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसलिए, इस राष्ट्रीय प्रस्ताव को कानूनी रूप देने के लिए सभी 16 राज्यों के बीच आम सहमति बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। सरकार द्वारा गठित विशेष आयोग इस साल के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जो इस कानून का आधार बनेगी।












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