Gold Silver Rate: एक ही झटके में ₹20,000 चांदी सस्ती, सोने के भी गिरे दाम, PM मोदी की 'अपील' का दिखा असर?
Gold Silver Rate 15 May 2026: अगर आप भी अपनी शादी या किसी खास मौके के लिए सोना-चांदी खरीदने का मन बना रहे थे, तो आपके लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 15 मई को कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई है। चांदी ने तो जैसे गोता ही लगा दिया है, वहीं सोने के दाम भी काफी नीचे आ गए हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में एक ही दिन में 19,693 रुपये की भारी गिरावट आई है, जिससे अब एक किलो चांदी का भाव 2.68 लाख रुपये रह गया है। कल तक यही चांदी 2.87 लाख रुपये पर बिक रही थी।

▶️ सोने की चमक भी हुई फीकी (Gold Price)
सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने के शौकीनों के लिए भी बाजार से अच्छी खबर आई है। 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत में आज 3,000 रुपये की कमी आई है। इस गिरावट के बाद 10 ग्राम सोना अब 1.58 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल 29 जनवरी को सोना अपने ऑल टाइम हाई यानी 1.76 लाख रुपये पर था। यानी पिछले 106 दिनों के भीतर सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 17,962 रुपये सस्ता हो चुका है। निवेशकों और आम खरीदारों के लिए यह एक बड़ा बदलाव है।
▶️ चांदी में आया बड़ा 'क्रैश': (Silver Crash)
चांदी की कीमतों में इस साल जो उतार-चढ़ाव दिखा है, उसने सबको हैरान कर दिया है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो पर थी, जो जनवरी के अंत तक 3.86 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन अब बाजार का रुख बदल चुका है।
पिछले लगभग साढ़े तीन महीनों में चांदी करीब 1,18,433 रुपये सस्ती हुई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के पीछे ग्लोबल फैक्टर्स के साथ-साथ घरेलू मांग में कमी भी एक बड़ी वजह हो सकती है।
▶️प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था- Gold मत खरीदो
सोने-चांदी के गिरते दामों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक हालिया बयान खूब चर्चा में है। कर्नाटक और तेलंगाना की रैलियों के दौरान पीएम ने देशवासियों से एक खास अपील की।
उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए जरूरी है कि देश के लोग अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें। पीएम मोदी ने तर्क दिया कि भारत अपनी जरूरत का 99% सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का भारी पैसा बाहर चला जाता है।
▶️क्यों जरूरी है सोना न खरीदना?
आंकड़ों के मुताबिक साल 2025-26 में भारत का सोने का इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये रहा था। भारत विदेशों से जो भी सामान खरीदता है, उसमें अकेले सोने की हिस्सेदारी 9% है और यह लिस्ट में दूसरे नंबर पर आता है। पीएम ने कहा कि जिस तरह पुराने समय में लोग संकट के वक्त सोना दान कर देते थे, आज हमें दान की नहीं बल्कि संयम की जरूरत है।
अगर हम सालभर सोना नहीं खरीदेंगे, तो देश की विदेशी मुद्रा बचेगी और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। अब देखना यह है कि कीमतों में आई इस गिरावट के बाद बाजार का रुख क्या रहता है और क्या लोग पीएम की इस अपील को मानकर खरीदारी से दूरी बनाते हैं।














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