Health Insurance कंपनी का शर्मनाक चेहरा, 50 हजार प्रीमियम भरने के बाद भी दर-दर भटक रहा बेटा, अस्पताल में मां
Lucknow Viral Video: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी भी आम इंसान का खून खौल जाए। अपनी बीमार मां के इलाज के लिए पाई-पाई जोड़कर बीमा (Health insurance) कराने वाला एक शख्स आज स्टार हेल्थ इंश्योरेंस (Star Health Insurance) के दफ्तर में धरना देने को मजबूर है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने स्वास्थ्य बीमा कंपनियों की संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी है।
वीडियो में पीड़ित शख्स बेहद गुस्से और लाचारी में दफ्तर के भीतर नजर आ रहा है। उसका आरोप है कि वह अपनी मां के हेल्थ इंश्योरेंस के लिए सालाना 50 हजार रुपये का भारी-भरकम प्रीमियम भरता है। लेकिन जब मां बीमार हुईं और पैसों की जरूरत पड़ी, तो कंपनी ने साफ हाथ खड़े कर दिए।

पीड़ित ने बताया कि जब वह मदद के लिए गया, तो वहां मौजूद एजेंट और मैनेजर का रवैया किसी अपराधी जैसा था। पीड़ित के मुताबिक:
- एजेंट उसको जवाब दे रहे हैं कि- 'क्या हमसे पूछकर पॉलिसी ली थी?"
- मैनेजर का कहना है- 'अभी अपनी जेब से इलाज करा लीजिए, बाद में देखेंगे।'
हैरानी की बात यह है कि जो स्टाफ पॉलिसी बेचते समय आपके पीछे हाथ धोकर पड़ा रहता है, वही स्टाफ आज मदद करने के बजाय 'एटीट्यूड' दिखा रहा है। क्या इन कंपनियों का काम सिर्फ जनता का पैसा डकारना रह गया है?
सीएम योगी और स्वास्थ्य मंत्री से गुहार
अपनी मां की जान बचाने की जंग लड़ रहे इस शख्स ने अब हार मानकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। सवाल यह उठता है कि क्या देश में हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर कोई संगठित घोटाला चल रहा है? आम आदमी अपनी मेहनत की कमाई इन कंपनियों को क्यों दे, जब वक्त आने पर उसे दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ें और अपमानित होना पड़े?
कंपनी का 'रटा-रटाया' जवाब
जब सोशल मीडिया पर यह मामला गरमाया, तो Star Health Support ने एक औपचारिक और ठंडा जवाब जारी किया। कंपनी का कहना है कि:
'दावे का फैसला दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड्स के आधार पर लिया जाता है। अगर पॉलिसी लेते समय कोई जानकारी छिपाई गई हो, तो नियमों के तहत कंपनी कार्रवाई करती है।'
कंपनी का यह तकनीकी जवाब उस बेटे के दर्द के आगे फीका है, जिसकी मां अस्पताल में है और कंपनी अपनी फाइलों में 'नियम' ढूंढ रही है।
सिर्फ एक पीड़ित नहीं, अन्य ग्राहकों का टूट रहा भरोसा
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर Star Health के अन्य मौजूदा ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। कमेंट बॉक्स में साफ देखा जा सकता है कि कैसे मोहित मारू जैसे पुराने ग्राहक, जो अब तक कंपनी पर भरोसा कर रहे थे, इस घटना के बाद डरे हुए हैं।
उन्होंने अपनी नाराजगी जताते हुए साफ कहा- 'मैं भी एक मौजूदा ग्राहक हूं और यह पोस्ट देखकर मेरी चिंता बढ़ गई है। मैं अगले रिन्यूअल से अपनी पॉलिसी स्विच (बंद) कर रहा हूँ।'
यह केवल एक व्यक्ति का गुस्सा नहीं है, बल्कि उस डर की आवाज है जो हर बीमा धारक महसूस कर रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर ₹50,000 प्रीमियम देने के बाद भी अस्पताल के बजाय बीमा कंपनी के दफ्तर में धरना देना पड़े, तो ऐसी पॉलिसी का क्या फायदा? अन्य यूजर्स ने भी कंपनी से तीखे सवाल पूछे हैं।
मोहित मारू की नाराजगी पर Star Health Support ने जो जवाब दिया है। कंपनी ने मोहित को रिप्लाई करते हुए लिखा। मोहित मारू, STAR Health में हर क्लेम का मूल्यांकन मेडिकल प्रासंगिकता और पॉलिसी के विशिष्ट नियमों और शर्तों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से किया जाता है। हम संबंधित पॉलिसीधारक (जिसका वीडियो वायरल है) के संपर्क में हैं और आगे की कोई भी जानकारी उन्हें समय पर सीधे दी जाएगी। हम आपको हमारे 'टेस्टिमोनियल्स' पेज पर अन्य ग्राहकों के अनुभव देखने के लिए भी आमंत्रित करते हैं।'
कंपनी ने मोहित की 'पॉलिसी स्विच करने' वाली चिंता पर कोई सीधा आश्वासन देने के बजाय, उन्हें अपने पुराने रिकॉर्ड (Testimonials) देखने की सलाह दी और मामले को 'नियमों' का हवाला देकर टाल दिया। क्या आपके साथ भी किसी बीमा कंपनी ने ऐसा ही बर्ताव किया है? हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications