• search

क्यों दुनिया के मुस्लिम देश चीन में मुसलमानों के खिलाफ हो रहे अत्यचार पर मुंह नहीं खोल पा रहे हैं?

By Amit J
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। ईशनिंदा से लेकर फिलिस्तीन पर इजरायली अत्याचार के खिलाफ पूरे दुनिया के मुस्लिम देशों को कई बार विरोध करते और एकजुट होते देखा गया है। हाल ही में नीदरलैंड के सांसद के खिलाफ पाकिस्तान में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हैं, जिन्होंने पैगंबर मोहम्मद की तोहीन करने की कोशिश की है। पाकिस्तान ने तो पूरे दुनिया के मुस्लिम देशों को ईशनिंदा के खिलाफ एकजुट होने तक के लिए कह दिया। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आज चीन में लाखों मुस्लिम लोग कम्युनिस्ट बर्बरता का शिकार हो रहे हैं और कोई भी मुस्लिम देश इसके खिलाफ एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। चीन से पाकिस्तान के हित जुड़े हुए हैं, इसलिए ईशनिंदा पर बखान करने वाली 'खान एंड पार्टी' कभी शी जिनपिंग के खिलाफ आवाज भी उठाएगी, इसकी कल्पना करना भी हास्यस्पद है।

    10 लाख मुस्लिमों को खुफिया शिविरों में कैद, फिर भी चुप्पी

    10 लाख मुस्लिमों को खुफिया शिविरों में कैद, फिर भी चुप्पी

    इन दिनों अमेरिका और यूरोप चीन में हो रहे ह्यूमन राइट्स के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी भी मुस्लिम राष्ट्र ने चीनी सेना की बर्बरता के खिलाफ आवाज नहीं उठाई है। तीन सप्ताह पहले संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने सभी को हिला कर रख दिया था, जिसमें दावा किया गया था कि चीन ने 10 लाख मुस्लिमों को खुफिया शिविरों में कैद कर रखा है। ये सभी उईगुर मुस्लिम समुदाय के लोग है, जिन्हें काउंटर-एक्सट्रिमिज्म सेंटर्स में रखा गया है। मैकडॉगल (यूएन कमेटी मेंबर) ने इस रिपोर्ट के साथ गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि धार्मिक चरमपंथ का मुकाबला करने और सामाजिक स्थिरता को बनाए रखने के नाम पर चीन ने उईगर मुस्लिम प्रांत को एक बड़े आंतरिक शिविर के रूप में बदल दिया है।

    चीन के शिनजियांग में उईगुर मुस्लिम कैंपों पर चिंता व्यक्त करते हुए फ्लोरिडा के सिनेटर मार्को रूबियो और न्यूजर्सी के क्रिस स्मिथ ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो को लेटर लिखते हुए कहा, 'हमें उम्मीद है कि राज्य विभाग इन दुर्व्यवहारों की निंदा करने के लिए अलावा अंतरराष्ट्रीय मंचों और बहुपक्षीय संस्थानों के साथ इस मानवाधिकार संकट को आगे बढ़ाने के लिए समान विचारधारा वाली सरकारों के साथ मजबूत राजनयिक जुड़ाव भी करेगा।'

    क्यों मुस्लिम देशों ने साधी चुप्पी

    क्यों मुस्लिम देशों ने साधी चुप्पी

    चीन में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार को लेकर अभी तक पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया और यहां तक कि सऊदी अरब जैसे मुस्लिम बहुल राष्ट्रों के जुबान से एक शब्द नहीं निकल पाया है। चीन के खिलाफ दुनिया के जिन मुस्लिम राष्ट्रों ने जो चुप्पी साध रखी है, इसकी वजह कम्युनिस्ट राष्ट्र के साथ व्यापारिक, आर्थिक और राजनीतिक हित जुड़े हुए होना है। चीन में जिन इलाकों में मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाइयां हो रही है, कड़ी पुलिस निगरानी में हो रहा है। वहां मुसलमानों पर हो रहे हिंसा की फोटो या वीडियो भी हाथ लगना भी नामुमकिन है।

    कट्टर इस्लाम विरोधी शी जिनपिंग?

    कट्टर इस्लाम विरोधी शी जिनपिंग?

    वॉशिंगटन थिंक टैंक ताहिर इंस्टीट्यूट फॉर मिडिल ईस्ट पॉलिसी के सीनियर फेलो हसन हसन कहते हैं, 'चीन के ज्यादातर मुस्लिम देशों के साथ आम तौर पर मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। शिंजियांग में जो हो रहा है, उसको लेकर मुस्लिम दुनिया काफी हद तक अनजान है। यहां तक अरबी मीडिया भी इसको कवर नहीं कर पा रहा है।' यह जानना जरुरी है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तो इस्लामवादी चरमपंथ के खिलाफ "स्ट्राइक फर्स्ट" करने के आदेश के बाद चीन में उइगुर से जुड़े क्षेत्र में घातक हमलों को बढ़ावा देने का काम किया है।

    दुनिया को रोहिंग्या तो दिखता है, लेकिन उईगुर नहीं

    दुनिया को रोहिंग्या तो दिखता है, लेकिन उईगुर नहीं

    दिलचस्प बात यह है कि तानाशाही सरकारें अपनी अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह से व्यवहार कर रही है, इसका किसी को कोई अंदाजा नहीं है। म्यांमार में जब रोहिंग्याओं पर अत्याचार होता है, तो पूरे मुस्लिम वर्ल्ड से लेकर यूएन की सारी संस्थाएं एकजुट हो जाती है। चीन से 180 गुना छोटे अर्थव्यवस्था वाले मुल्क म्यांमार में 7,00,000 रोहिंग्याओं पर हुए अत्याचार पूरी दुनिया को दिख रहा है, लेकिन 10 लाख से ज्यादा उईगुर मुसलमानों के खिलाफ जो चीनी बर्बरता बरती जा रही है, इस पर इस्लाम के तथाकथित 'आका' तक चुप्प है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Why Islamic countries silent as China Cracks Down on Uighur Muslim

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more