पाकिस्तान ने PM मोदी को मिली लगातार तीसरी जीत पर क्यों नहीं दी बधाई? इस्लामाबाद ने जानें क्या कहा
Why Pakistan has not congratulated PM Modi: भारत में खत्म हुए मैराथन चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने लगातार तीसरी जीत हासिल की है और नरेन्द्र मोदी को एनडीए का नेता चुना गया है, यानि नरेन्द्र मोदी फिर से भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे।
नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक जीत के बाद 50 से ज्यादा देशों के नेताओं ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके फिर से चुने जाने पर बधाई दी है, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से अभी तक नरेन्द्र मोदी को बधाई संदेश नहीं भेजा गया है, जिसपर कई पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स ने भी सवाल उठाए हैं।

वहीं, पाकिस्तान में लगातार इस बात पर चर्चा की जा रही है, कि वर्षों से तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों के बीच पीएम मोदी का फिर से चुना जाना, भारत के पाकिस्तान के साथ भविष्य के संबंधों को कैसे प्रभावित करेगा?
नरेंद्र मोदी 9 जून को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बनने की शपथ लेंगे। हालांकि, BJP चुनावों में अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन पार्टी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने 543 में से 293 सीटें हासिल कीं। निचले सदन में बहुमत का आंकड़ा 272 है। कई दक्षिण एशियाई देशों के नेताओं को पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को कहा है, कि वह भारत समेत अपने सभी पड़ोसियों के साथ "सहयोगी" संबंध चाहता है और उसने कश्मीर विवाद समेत सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार "रचनात्मक बातचीत और सहभागिता" की वकालत की है, जो नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच दशकों से चले आ रहे संघर्ष का केंद्रबिंदु बन गया है।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज बलूच ने कहा, कि "पाकिस्तान शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में विश्वास करता है। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहते हैं।"
यह पूछे जाने पर, कि पाकिस्तान ने अभी तक भारत को लोकसभा चुनाव के नतीजों पर बधाई क्यों नहीं दी है? पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने टालमटोल वाला जवाब देते हुए कहा, "अपने नेतृत्व के बारे में फैसला करना भारत के लोगों का अधिकार है।" बलूच ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के पाकिस्तान के विरोध और हाल के चुनावों में पाकिस्तान के खिलाफ ''कटु बयानबाजी'' का भी जिक्र किया। लेकिन उन्होंने असल सवाल का जवाब नहीं दिया।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने यह भी दावा किया, कि भारत के साथ संबंधों में जारी चुनौतियों और वहां से निकलने वाली शत्रुतापूर्ण बयानबाजी के बावजूद, पाकिस्तान ने लगातार जिम्मेदारी से जवाब देने का विकल्प चुना है। उन्होंने कहा, कि "पीएम मोदी को बधाई देने के बारे में बात करना "जल्दबाजी" होगी, क्योंकि नई सरकार ने अभी शपथ नहीं ली है।" उन्होंने कहा, "इसलिए, मैं आपके सवाल पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हूं।"
आपको बता दें, कि 5 अगस्त 2019 को भारतीय संसद ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया, जिसके बाद बौखलाए पाकिस्कान ने भारत के साथ अपने संबंध खत्म कर लिए। इस्लामाबाद का मानना है, कि इस फैसले ने पड़ोसियों के बीच बातचीत करने के माहौल को कमजोर कर दिया है। जबकि, भारत यह कहता रहा है, कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है, लेकिन बातचीत के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त माहौल बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद पर है।
वहीं, भारती विदेश मंत्रालय के मुताबितक, प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले नेताओं में श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफिफ शामिल हैं।












Click it and Unblock the Notifications