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Noshir Gowadia भारतीय कौन? US के पीठ पर घोंपा खंजर! 'हवा में गायब' होने वाले B-2 Bomber का किया चीन से सौदा

Who is Noshir Gowadia : मुंबई में जन्मा एक भारतीय मूल का इंजीनियर, जिसने अमेरिका के सबसे खतरनाक B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर को 'हवा में गायब' करने की ताकत दी, आज उसी देश की जेल में 32 साल की सजा काट रहा है। नोशिर शेरियारजी गोवाडिया, जिसे कभी B-2 के स्टील्थ प्रोपल्शन सिस्टम का जनक माना जाता था, अब जासूसी और देशद्रोह के आरोप में सलाखों के पीछे हैं।

उन्होंने अमेरिका की सबसे संवेदनशील सैन्य तकनीक को चीन के साथ साझा कर विश्व की महाशक्ति का सौदा किया। अमेरिका की पीठ में छुरा घोंपा। आखिर कौन हैं नोशिर गोवाडिया, और कैसे उनकी कहानी गौरव से गद्दारी तक पहुंची?

Who is Noshir Gowadia

Who is Noshir Gowadia: नोशिर गोवाडिया: एक प्रतिभाशाली इंजीनियर

11 अप्रैल 1944 को मुंबई के एक पारसी परिवार में जन्मे नोशिर गोवाडिया बचपन से ही असाधारण प्रतिभा के धनी थे। कहा जाता है कि उन्होंने 15 साल की उम्र में पीएचडी के समकक्ष डिग्री हासिल कर ली थी। 1963 में, 19 साल की उम्र में, वे वैमानिकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए और 1969 में अमेरिकी नागरिक बन गए।

इसके एक साल बाद, 1970 में, वे नॉर्थ्रॉप कॉर्पोरेशन (अब नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन) से जुड़े, जो उस समय अमेरिका के लिए एक 'अदृश्य' युद्धक विमान बनाने की दिशा में काम कर रही थी। यह वह दौर था जब वियतनाम और योम किप्पुर युद्धों में अमेरिका को भारी नुकसान हुआ था, और एक ऐसे विमान की जरूरत थी जो रडार और मिसाइलों से बच सके।

नॉर्थ्रॉप के सिक्रेट प्रोजेक्ट 'ब्लूबेरी मिल्कशेक' के तहत गोवाडिया ने B-2 स्पिरिट बॉम्बर के प्रोपल्शन सिस्टम को डिजाइन करने में करीब दो दशक बिताए। उन्होंने इसका एग्जॉस्ट सिस्टम इस तरह बनाया कि यह रडार और इन्फ्रारेड सेंसर से लगभग पूरी तरह अदृश्य हो। गोवाडिया ने एक इंटरव्यू में दावा किया था, 'इसकी पूरी ज्योमेट्री मेरे दिमाग से निकली।' उनकी इस उपलब्धि ने B-2 को एक अनोखी ताकत दी-172 फीट के पंखों वाला यह विमान 40,000 पाउंड विस्फोटक ले जा सकता था, एक बार ईंधन भरने पर 10,000 समुद्री मील उड़ सकता था, और रडार पर इसकी छवि एक पक्षी जितनी छोटी थी।

कैस पहुंचा गौरव से गद्दारी तक सफर?

1986 में एक दुर्लभ रक्त रोग के कारण गोवाडिया को नॉर्थ्रॉप छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने न्यू मैक्सिको में अपनी डिफेंस कंसल्टिंग फर्म, NS Gowadia Inc., शुरू की और CIA, F-22 फाइटर जेट, और एयर फोर्स वन जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया। हालांकि, 1993 में डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA) के साथ एक अनुबंध विवाद के बाद 1997 में उनकी सुरक्षा मंजूरी (सिक्योरिटी क्लीयरेंस) रद्द कर दी गई। इस दौरान, उन्होंने हवाई के माउई में 35 लाख डॉलर का एक आलीशान विला खरीदा, जिसके मासिक कर्ज की रकम 15,000 डॉलर थी। बढ़ते आर्थिक दबाव ने उन्हें एक खतरनाक रास्ते पर धकेल दिया।

2003 से 2005 के बीच, गोडिया ने छह बार चीन की गुप्त यात्राओं में नकली पहचान और आकर्षक ईमेल का इस्तेमाल किया। चेंगदू और शेन्ज़ेन जैसे शहरों में उन्होंने चीनी अधिकारियों को बी-2 की स्टील्थ तकनीक से जुड़े डिजाइन, टेस्ट डेटा और विश्लेषण प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से एक स्टील्थ क्रूज मिसाइल के लिए एस्सेलिस्ट डी गोबाडिया के बी-2 स्पिरिट में योगदान अभी भी निर्विवाद हैं, लेकिन उनके द्वारा उजागर किए गए रहस्यों के परिणाम भी निर्विवाद हैं।

गोवाडिया ने न केवल चीन को, बल्कि जर्मनी, इजरायल, और स्विट्जरलैंड के व्यक्तियों को भी गोपनीय जानकारी बेची। उनकी लीक की गई जानकारी ने चीन के H-20 स्टील्थ बॉम्बर और संभावित J-36 फाइटर जेट के विकास में मदद की, जिसे मई 2025 में शिनजियांग के मालान टेस्ट बेस पर देखा गया। यह ड्रोन B-2 की तरह ही 52 मीटर के पंखों वाला एक 'फ्लाइंग-विंग' डिज़ाइन था, जिसने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया।

FBI की छापेमारी और गिरफ्तारी

2004 में, गोवाडिया को भेजे गए एक फर्नीचर कंटेनर में संवेदनशील सैन्य दस्तावेज मिलने के बाद FBI ने उनकी निगरानी शुरू की। 13 अक्टूबर 2005 को, 15 एजेंटों ने उनके माउई स्थित बंगले पर छापा मारा, जहां 500 पाउंड से अधिक गोपनीय दस्तावेज, ब्लूप्रिंट, हार्ड ड्राइव, और ईमेल बरामद हुए। पूछताछ में गोवाडिया ने कबूल किया, 'मैंने जो किया, वह गलत था। मैंने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) को क्रूज मिसाइल बनाने में मदद की। यह जासूसी और देशद्रोह था।'

2010 में, होनोलूलू की एक संघीय अदालत में चार महीने चले मुकदमे के बाद गोवाडिया को 17 में से 14 आरोपों में दोषी ठहराया गया, जिनमें जासूसी अधिनियम (Espionage Act), शस्त्र निर्यात नियंत्रण अधिनियम (Arms Export Control Act), और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल थे। 24 जनवरी 2011 को, उन्हें 32 साल की जेल की सजा सुनाई गई। वह वर्तमान में कोलोराडो के फ्लोरेंस ADX सुपरमैक्स जेल में सजा काट रहे हैं, और उनकी रिहाई की तारीख 1 फरवरी 2032 निर्धारित है।

बचाव पक्ष का दावा और बेटे की क्या अपील?

गोवाडिया के बचाव पक्ष ने दावा किया कि उन्होंने केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी साझा की थी और अमेरिकी सरकार ने डेटा को जरूरत से ज्यादा गोपनीय करार दिया। उनके बेटे, एश्टन गोवाडिया, ने कहा, 'मेरे पिता ने कभी भी जानबूझकर देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। FBI ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया।' हालांकि, अदालत ने इन दावों को खारिज कर दिया, और 2014 में अपील भी ठुकरा दी गई।

चीन का B-2 जैसा ड्रोन आया सामने

गोवाडिया की जासूसी का असर आज भी देखा जा सकता है। मई 2025 में, शिनजियांग के मालान टेस्ट बेस पर सैटेलाइट तस्वीरों में एक B-2 जैसा स्टील्थ ड्रोन देखा गया, जिसे विशेषज्ञ चीन के H-20 बॉम्बर प्रोग्राम या J-36 फाइटर जेट से जोड़ते हैं। इस ड्रोन का डिज़ाइन, खासकर इसका एग्जॉस्ट सिस्टम, B-2 से मिलता-जुलता है, जो गोवाडिया द्वारा साझा की गई जानकारी का परिणाम हो सकता है। इससे अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता को चुनौती मिल रही है, क्योंकि चीन ने स्टील्थ तकनीक में वर्षों की तकनीकी दूरी को तेजी से पाट लिया।

हाल ही में, जून 2025 में अमेरिका ने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के तहत ईरान के परमाणु ठिकानों-फोर्डो, नतांज, और इस्फहान-पर B-2 बॉम्बर से हमला किया। इस हमले ने B-2 की ताकत को फिर से दुनिया के सामने ला दिया, लेकिन गोवाडिया की जासूसी ने इस तकनीक की गोपनीयता को खतरे में डाल दिया।

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