क्या है America का सुपर बम 'बंकर बस्टर'? जिसने Iran के 60 मीटर नीचे छिपा परमाणु ठिकाना उड़ा दिया
Iran-Israel War: मध्य पूर्व में हालात तेजी से विस्फोटक होते जा रहे हैं। ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ता टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है। इसी कड़ी में रविवार, 21 जून की रात, अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख भूमिगत परमाणु ठिकानों पर एक बेहद गोपनीय और सटीक हवाई हमला किया। इस हमले के बाद पूरा क्षेत्र तनाव और अनिश्चितता की चपेट में आ गया है। अब सवाल उठ रहा है क्या वाकई अमेरिका इतनी गहराई में छिपे परमाणु ठिकानों को नष्ट कर सकता है? और अगर हां, तो कौन सा ऐसा बम है जो मिट्टी, चट्टानों और कई मीटर मोटे कंक्रीट को चीरता हुआ सीधा दुश्मन के सबसे सुरक्षित बंकर तक जा पहुँचा?
इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं उस खुफिया हथियार के बारे में जिसने न सिर्फ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गहरी चोट दी, बल्कि आने वाले दिनों में वैश्विक भू-राजनीति की दिशा भी बदल सकता है।

अमेरिका ने इस बम का किया उपयोग
दुनिया में कई ऐसे खतरनाक हथियार और परमाणु कार्यक्रम होते हैं जो ज़मीन के गहरे भीतर में छिपाए जाते हैं। साथ ही उसके ऊपर मजबूत कंक्रीट, चट्टानों सो ढक दिया जाता है। इन्हें साधारण बमों से नष्ट करना लगभग नामुमकिन होता है। ऐसे में काम आता है 'बंकर बस्टर' एक ऐसा बम जिसे खासतौर पर इस तरह के दुर्गम और गहरे ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इनमें सबसे शक्तिशाली बम है GBU-57A/B Massive Ordnance Penetrator (MOP), जिसे अमेरिकी वायुसेना ने खास मिशनों के लिए विकसित किया है। अमेरिका ने ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकानों पर ऐसे 6 बम गिराए थे।
What Is Bunker buster- क्या है बंकर बस्टर ?
बंकर बस्टर एक खास तरह का बम होता है जिसे मोटी मिट्टी, चट्टान या कंक्रीट की परतों को भेदने के लिए बनाया गया है। ये बम दुश्मन के छिपे हुए ठिकानों, भूमिगत सैन्य बंकरों और गुप्त परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जहां सामान्य बम नहीं पहुंच सकते।
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बंकर बस्टर की खास बातें?
- इसे बोइंग कंपनी ने विकसित किया और 2011 से अमेरिकी वायु सेना द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है।
- इसकी लंबाई 20 फीट, चौड़ाई 2.5 फीट है और इसका वजन 13,600 किलोग्राम (यानी 3 हाथियों से ज़्यादा) है।
- यह बम 200 फीट (60 मीटर) तक की चट्टानों या मजबूत कंक्रीट में घुस सकता है।
- इसमें 2,500 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक होता है, जो एक विशेष हाई-डेंसिटी स्टील के खोल में रखा गया होता है।
- इसे सिर्फ अमेरिकी B-2 स्टील्थ बॉम्बर विमान से गिराया जा सकता है, जो रडार से बचकर उड़ सकता है।
- यह बम गहराई तक पहुंचकर अंदर विस्फोट करता है, जिससे भूमिगत बंकर और ठिकाने पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं।
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यह क्यों बनाया गया था?
कई खतरनाक हथियार और परमाणु कार्यक्रम ज़मीन के बहुत नीचे छिपे होते हैं। पुराने बम इतनी गहराई तक नहीं पहुँच पाते थे। इसलिए अमेरिका ने यह सुपर-हैवी बम तैयार किया, ताकि बिना परमाणु हथियार का इस्तेमाल किए, इन ठिकानों को नष्ट किया जा सके।












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