Claire Coutinho: कौन हैं भारतीय मूल की क्लेयर कॉटिन्हो, जिन्हें PM ऋषि सुनक ने बनाया UK का नया मंत्री?
Who is Claire Coutinho: ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने अपने करीबी सहयोगी क्लेयर कॉटिन्हो को गुरुवार को अपनी कैबिनेट के फेरबदल के दौरान देश का नया ऊर्जा सुरक्षा और नेट ज़ीरो मंत्री बनाया है, जो उनके लिए एक बड़ा प्रमोशन है।
38 साल की क्लेयर कॉटिन्हो, ऋषि सुनक कैबिनेट में गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन के बाद गोवा-मूल की दूसरी मंत्री बनीं हैं और उनके सामने एक कठिन रास्ता है, क्योंकि रूस-यूक्रेन संघर्ष के मद्देनजर ऊर्जा की लागत बढ़ रही है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और जीवनयापन की लागत के संकट से जूझ रहे परिवारों के बिलों को कम करने पर काम करने के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया है।

मूल रूप से भारत के गोवा की रहने वालीं क्लेयर कॉटिन्हो के लिए ये प्रमोशन बड़ा है और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है, कि वो किस तरह से देश के लोगों को ऊर्जा की समस्या और बढ़ते दामों से निजात दिला पाती हैं।
इससे पहले ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद ऋषि सुनक ने ग्रांट शाप्स को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है, जो पहले ऊर्जा मंत्री थे और उनकी जगह पर क्लेयर कॉटिन्हो को नया ऊर्जा मंत्री नियुक्त किया गया है।
वहीं, ऊर्जा मंत्री बनाए जाने के बाद क्लेयर कॉटिन्हो ने कहा, कि "मुझे ऊर्जा सुरक्षा और नेट ज़ीरो के लिए राज्य सचिव नियुक्त किए जाने पर खुशी है। मैं हमारी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करने, परिवारों के लिए बिल कम करने और स्वच्छ, सस्ती, घरेलू ऊर्जा बनाने के लिए प्रधान मंत्री के साथ काम करूंगी।"
कौन हैं क्लेयर कॉटिन्हो?
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की ही तरह, ब्रिटेन में जन्मी कॉटिन्हो नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से जुड़े परिवार में पली-बढ़ी और राजनीति में आने से पहले वो भी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग क्षेत्र में काम कर रही थीं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से गणित और दर्शनशास्त्र में मास्टर डिग्री के साथ वो ब्रेक्सिट की समर्थक रही हैं और 2019 में उन्हें दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के पूर्वी सरे क्षेत्र से संसद सदस्य चुना गया था।
उन्होंने अपने मिशन स्टेटमेंट में लिखा था, कि "मैं 2019 में ईस्ट सरे के लिए संसद सदस्य चुनी गई थी। बड़े होते हुए, मैंने अपने माता-पिता को एनएचएस में जीपी (सामान्य चिकित्सक) के रूप में काम करते हुए देखा, लोगों की समस्याओं को सुना और उन्हें यथासंभव हल किया। इसी भावना के साथ मैं पूर्वी सरे के लोगों की सेवा करने की आशा करती हूं।"
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का क्लेयर कॉटिन्हो को अपनी कैबिनेट में शामिल करने का फैसला, उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के अंदर वर्तमान में और भविष्य में उनके लिए एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति बनने का रास्ता खोल रहा है।
वह कहती हैं, कि सामाजिक न्याय नीति में करियर के लिए सिटी ऑफ़ लंदन फर्म छोड़ने से पहले, उन्होंने मेरिल लिंच में अपना करियर शुरू किया था।
यूके ट्रेजरी विभाग में विशेष सलाहकार के रूप में काम करने के बाद, कॉटिन्हो ट्रेजरी के मुख्य सचिव और बाद में राजकोष के चांसलर के रूप में ऋषि सुनक की सहयोगी बन गई थीं।
उन्होंने पिछले साल प्रधान मंत्री पद के लिए ब्रिटिश भारतीय उम्मीदवार ऋषि सुनक का समर्थन किया था और बाद में उन्हें शिक्षा विभाग में जूनियर मंत्री पद से पुरस्कृत किया गया था। और अब उन्हें देश का ऊर्जा मंत्री बनाया गया है।












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