कौन है अमृतपाल सिंह का 'गॉडफादर' अवतार सिंह खांडा, जिसने भारतीय मिशन पर किया था हमला... लंदन में गिरफ्तार
अमृतपाल सिंह जैसे लोगों के जरिए पंबाज के युवाओं का ब्रेनवाश करने की तैयारी चल रही है और पिछले कुछ सालों में ऑस्ट्रेलिया, यूके और कनाडा में खालिस्तानी आवाजें फिर से उठने लगी हैं।

Avtar Singh Khanda: भारत में एक बार फिर से खालिस्तानी आग भड़काने की कोशिश शुरू हो गई है और पंजाब को फिर से 1980 के दशक में ले जाने के लिए खालिस्तानी आतंकी तरह तरह के हथकंडे अपनाने लगे हैं। वहीं, पंजाब पुलिस और केन्द्रीय एजेंसियां भगोड़े अमृतपाल सिंह की तलाश कर रही है, जो भागा-भागा फिर रहा है और इसी कड़ी में जांच एजेंसियों को पता चला है, कि अमृतपाल सिंह का 'गॉडफादर' अवतार सिंह खांडा है, जिसे लंदन में गिरफ्तार किया गया है। अवतार सिंह खांडा वही शख्स है, जिसने लंदन में भारतीय मिशन पर हमला किया था और तिरंगा को हटाकर खालिस्तानी झंडा लगाने की कोशिश की थी। यानि, गहराई से देखा जाए, तो इस साजिश की जड़ें काफी गहरी हैं, जिसे पूरी तरह से हटाने की जरूरत है। आईये जानते हैं, कि आखिर अवतार सिंह खांडा कौन है और अमृतपाल जैसे लोगों के जरिए, ये कैसे पंजाब को फिर से सुलगाने की फिराक में था?

अमृतपाल का गॉडफादर है अवतार सिंह
अमृतपाल सिंह के मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों ने पाया है, कि अवतार सिंह खांडा, जिसे लंदन में भारतीय उच्चायोग में भारतीय ध्वज को नीचे खींचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, वही व्यक्ति है जो वारिस पंजाब डे नेता का "गॉडफादर" था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अवतार सिंह खंडा ने ही अमृतपाल के पंजाब पहुंचने से पहले उसे "तैयार" किया था। इंडियन एक्सप्रेस ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से लिखा है, कि अवतार सिंह खांडा का पिता कुलवंत सिंह खुकराना, खालिस्तान लिबरेशन आर्मी का आतंकवादी था। यानि, बेटा भी अपने पिता के रास्ते पर ही चल पड़ा है और भारत विरोधी हरकतों में शामिल हो गया है। एक सूत्र ने कहा, कि "अवतार सिंह वह है, जिसने भारत पहुंचने से पहले अमृतपाल को संरक्षण दिया था और उसे तैयार किया था।" जांच एजेंसियां खांडा के वीडियो का भी विश्लेषण कर रही हैं, जिसमें वह इस बात पर जोर दे रहा है, कि "दीप सिद्धू की विरासत को जारी रखा जाना चाहिए"। जांचकर्ताओं का यह भी मानना है, कि अवतार सिंह खंडा और अमृतपाल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपस में जुड़े थे। हालांकि, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है, कि दोनों एक-दूसरे से व्यक्तिगत रूप से मिले थे या नहीं।

क्या है खालिस्तान लिबरेशन फोर्स?
खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) का गठन 1986 में किया गया था। KLF का गठन सशस्त्र हिंसा के माध्यम से पंजाब को भारत से अलग करके खालिस्तान की स्थापना करना था। लंदन में जब भारतीय उच्चायोग पर हमला किया गया था, उस वक्त के जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारों के बीच, नारंगी पगड़ी पहने एक व्यक्ति को इमारत की दीवारों को फांदते हुए और भारतीय ध्वज को नीचे खींचते हुए देखा गया, वही शख्स अवतार सिंह खांडा है। खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को भारत सरकार एक आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है। 1980 और 1990 के दशक के दौरान, कभी-कभी कश्मीर अलगाववादियों के साथ मिलकर केएलएफ, भारत में सैन्य ठिकानों पर कई बम विस्फोटों के लिए जिम्मेदार था। केएलएफ उन सिख समूहों में शामिल था, जिन्होंने 1991 में नई दिल्ली में रोमानियाई प्रभारी डी'एफ़ेयर, लिविउ राडू के अपहरण की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था। लिस्तान लिबरेशन फोर्स की जड़ें लंदन में हैं, जिन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई सींचता रहता है।

अवतार सिंह खांडा कौन है?
Recommended Video

अवतार सिंह खांडा के भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे रिश्ते हैं, जिस पर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ब्रिटेन के गुरुद्वारों के अंदर आईईडी प्रशिक्षण देने का आरोप लगाया है। अमृतपाल सिंह को यूके स्थित खालिस्तानी आतंकवादी अवतार सिंह खांडा का करीबी सहयोगी भी माना जाता है। खांडा, प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नेता परमजीत सिंह पम्मा का भरोसेमंद लेफ्टिनेंट है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में खांडा को पंजाबी गायक, अभिनेता और निर्माता गिप्पी ग्रेवाल के साथ देखा जा सकता है। हालांकि, इन लोगों के बीच क्या संबंध है, इसकी जानकारी हमें नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खालिस्तानी आतंकी अवतार सिंह खांडा ने अमृतपाल सिंह को 'मिशन खालिस्तान' के लिए ट्रेनिंग दी थी। खांडा का प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नेता पम्मा से सीधा संबंध है। इन तीनों ने मिलकर पंजाब को एक बार फिर आतंकवाद की ओर धकेलने की साजिश रची है।

पंजाब में फिर बारूद बोने की कोशिश
अमृतपाल के ठिकाने से हथियार मिलने के बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया है। अमृतपाल की टीम आईएसआई और बब्बर खालसा की मदद से आनंदपुर खालसा फोर्स की स्थापना कर रही थी। जैकेट और बंदूकों पर एकेएफ लिखा मिला है। जलूखेड़ा गांव में उसके घर से कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। आपको बता दें, कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की स्थापना साल 1980 में की गई थी और यह कनाडा, इंग्लैंड में काफी सक्रिय है। आपको बता दें, कि पंजाब में इंदिरा गांधी सरकार के दौरान चलाए गये ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद इस आतंकी संगठन ने एयर इंडिया के विमान को उड़ा दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संगठन के ज्यादातर सदस्य पाकिस्तान में छिपे हुए हैं और पम्मा भी इस समय पाकिस्तान में ही और आईएसआई के साथ मिलकर नई हरकतें करने की फिराक में है। सूत्रों का कहना है, कि ये तीनों मिलकर, पंजाब के युवाओं में एक बार फिर चरमपंथ का जहर बोने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा, इन तीनों पर फौरन नकेल कसने की जरूरत है, ताकि इससे पहले ये जहरीले पेड़ बनें, इन्हें जड़ से उखाड़ फेंकने की जरूरत है।












Click it and Unblock the Notifications