US Visa Cancellation: US में विदेशी छात्रों के वीजा रद्द, ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा दर्ज, अब कोर्ट में फैसला?
US Visa Cancellation: हाल के हफ्तों में अमेरिका में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय छात्रों को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा उनके वीजा अचानक रद्द कर दिए गए, जिससे उनकी कानूनी स्थिति खतरे में पड़ गई। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया या देश से बाहर निकाले जाने का खतरा है, और अब उन्होंने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दायर मुकदमे में तर्क दिया गया है कि सरकार ने अचानक अमेरिका में रहने की उनकी अनुमति वापस लेकर उन्हें उचित प्रक्रिया से वंचित कर दिया। संघीय सरकार द्वारा छात्रों की कानूनी स्थिति समाप्त करने की कार्रवाई ने सैकड़ों विद्वानों को हिरासत में लिए जाने और निर्वासित किए जाने के जोखिम में डाल दिया है। उनके स्कूल हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे निजी विश्वविद्यालयों से लेकर मैरीलैंड विश्वविद्यालय और ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी जैसे बड़े सार्वजनिक संस्थानों से लेकर कुछ छोटे उदार कला महाविद्यालयों तक फैले हुए हैं।

किन कॉलेजों के छात्र हुए प्रभावित?
इस मामले में हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से लेकर छोटे कॉलेजों तक के छात्र शामिल हैं।
छात्रों की शिकायत क्या है?
अंतरराष्ट्रीय छात्रों का आरोप है कि सरकार ने बिना किसी ठोस कारण या उचित प्रक्रिया के, उनके वीजा रद्द कर दिए। कुछ मामलों में सिर्फ पुराने ट्रैफिक उल्लंघन को आधार बनाया गया, जबकि कई छात्रों को यह तक नहीं बताया गया कि उनके साथ ऐसा क्यों किया गया।
ACLU (American Civil Liberties Union) ने मिशिगन के दो विश्वविद्यालयों के छात्रों की ओर से एक याचिका में लिखा कि ऐसा लगता है कि ट्रंप प्रशासन ने देशभर में एक 'अनकही नीति' के तहत छात्रों की वीजा स्थिति समाप्त की है।
कानूनी कार्रवाई कहां कहां हुई?
न्यू हैम्पशायर, जॉर्जिया और कैलिफोर्निया में अलग-अलग अदालतों में मुकदमे दायर किए गए हैं। डार्टमाउथ कॉलेज के छात्र ज़ियाओटियन लियू के मामले में अदालत ने अस्थायी राहत देते हुए निर्दोषी आदेश (injunction) जारी किया है।
सरकार क्या कह रही है?
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, कुछ हाई-प्रोफाइल मामलों में ट्रंप प्रशासन ने यह दलील दी है कि यह सब सख्त इमिग्रेशन चेक का हिस्सा है।
विदेशी छात्र वीजा कैसे काम करता है?
अमेरिका में पढ़ाई के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आम तौर पर F-1 वीजा मिलता है। इसके लिए उन्हें एक मान्यता प्राप्त स्कूल में प्रवेश लेना होता है, आर्थिक रूप से सक्षम होना होता है, और पढ़ाई के दौरान विशेष नियमों का पालन करना होता है।
कॉलेज आम तौर पर छात्रों की स्थिति सरकार को रिपोर्ट करते हैं, लेकिन अब कई कॉलेजों का कहना है कि उन्होंने जब होमलैंड सिक्योरिटी के डेटाबेस की जांच की, तब पता चला कि कई छात्रों की लीगल स्टेटस खत्म कर दी गई है, बिना किसी नोटिस के।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट की मिशेल मिटेलस्टेड का कहना है कि यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन की व्यापक इमिग्रेशन पॉलिसी का हिस्सा है, जो हर वर्ग के अप्रवासियों पर सख्ती बढ़ा रही है।












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