US Military Base: इराक में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का भीषण हमला, भारी तबाही की आशंका
इराक में एक एयरबेस पर मिसाइल हमला हुआ है। इसमें कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं। ये हमला शनिवार को हुआ। रॉयटर्स से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शनिवार को इराक के ऐन अल-असद हवाई अड्डे पर हुए हमला हुआ है जिसमें कई सैनिकों को चोटें आईं हैं।
ये हमला पश्चिमी इराक में अमेरिका के अल असद एयरबेस पर शाम को 6 बजकर 30 मिनट पर हुआ। अधिकारी ने बताया कि इस हमले में इराक के सुरक्षा बलों का भी एक सदस्य घायल हो गया है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने इस हमले के पीछे ईरान के समर्थन वाले गुट को बताया है।

इस बीच अल असद एयरबेस को निशाना बनाने का जिम्मा 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' नामक संगठन ने ली है। ये समूह हाल में ही उभरा है। अमेरिका स्थित वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के अनुसार इसमें इराक में सक्रिय ईरान के कई सशस्त्र समूह शामिल हैं।
इस संगठन ने हाल के दिनों में अमेरिकी सेना के खिलाफ कई अन्य हमले किए हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 7 अक्टूबर को इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से, अमेरिकी सेना पर इराक में कम से कम 58 बार और सीरिया में 83 बार ईरान समर्थित आतंकवादियों द्वारा हमला किया गया है।
अमेरिकी सेना ने कहा कि शनिवार को ईरान के समर्थन वाले सैन्य गुटों ने कई रॉकेट और मिसाइलें दागीं थीं। इनमें से कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया था, हालांकि कुछ ने हवाई सुरक्षा को चकमा देते हुए बेस को निशाना बनाया। फिलहाल इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस घटना से ठीक एक दिन पहले ईरान ने इजराइल पर सीरिया की राजधानी दमिश्क में एक इमारत पर एयरस्ट्राइक करने का आरोप लगाया था। ईरानी मीडिया IRNA के मुताबिक, इसमें 5 लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में ईरान के 4 मिलिट्री एड्वाइजर और सीरिया में ईरानी सेना का चीफ इंटेलिजेंस ऑफिसर शामिल था। इसके बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी थी।
इस बीच इराक को संयुक्त राज्य अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के बीच फंसने का डर सताने लगा है। इराकी सरकार नहीं चाहती कि ईरान और अमेरिका की दुश्मनी से उनके देश में कोई नई जंग छिड़ जाए।
ऐसे में इराक के प्रधानमंत्री अल सुदानी ने बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेना को हटाने के कदम की घोषणा की है। यानी कि अब ईराक में और अमेरिकी सैनिकों के घुसने पर पाबंदी लगा दी गई है।
सुदानी ने कहा है कि अमेरिकी सैनिकों को इराक से निकालने के लिए एक समय सीमा तय करने की जरूरत है। सुदानी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा था कि ये हमें बिल्कुल मंजूर नहीं है कि कुछ देश आपसी लड़ाई के बीच हमारी जमीन का गलत इस्तेमाल करें।
इराक के अमेरिका सेना को देश में आने से रोकने के बारे में पेंटागन ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी योजना के बारे में औपचारिक रूप से सूचित नहीं किया गया है। पेंटागन ने कहा कि बगदाद में सरकार के निमंत्रण पर ही अमेरिकी सैनिकों को इराक में तैनात किया गया है।












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