कौन हैं IPS महेश कुमार अग्रवाल? जिन्हें CM विजय ने बनाया तमिलनाडु का नया DGP, कहां से की है पढ़ाई?
IPS Mahesh Kumar Aggarwal: तमिलनाडु में लंबे समय से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश कुमार अग्रवाल को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को लेकर लगातार राजनीतिक बहस चल रही थी।
महेश कुमार अग्रवाल का नाम UPSC द्वारा मंजूर किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की सूची में तीसरे नंबर पर था, लेकिन मुख्यमंत्री विजय ने उन पर भरोसा जताते हुए राज्य की सबसे बड़ी पुलिस जिम्मेदारी सौंपी। खास बात यह है कि महेश कुमार अग्रवाल ने अपने करियर में कई अहम पदों पर काम करते हुए सख्त, शांत और टेक्नोलॉजी फ्रेंडली अधिकारी की पहचान बनाई है।

कौन हैं IPS महेश कुमार अग्रवाल?
IPS महेश कुमार अग्रवाल मूल रूप से पंजाब के बठिंडा के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रकाश चंद्र अग्रवाल पेशे से जाने-माने वकील हैं। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने बठिंडा के एमएचआर और एमएसडी स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने राजिंदर कॉलेज से 12वीं पूरी की और फिर पांच वर्षीय लॉ कोर्स कर एलएलबी की डिग्री हासिल की।
22 साल की उम्र में बने IPS
महेश कुमार अग्रवाल ने बहुत कम उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। इसके बाद वे 1994 बैच के सबसे युवा असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) बने। शुरुआत से ही उन्हें तेज और अनुशासित अधिकारी माना जाता रहा है।
चेन्नई पुलिस कमिश्नर रहते हुए मिली पहचान
महेश कुमार अग्रवाल जुलाई 2020 में चेन्नई के पुलिस कमिश्नर बने थे। उस दौरान कोविड-19 महामारी का दौर था और चेन्नई सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल था। उन्होंने उत्तरी चेन्नई में नोडल अधिकारी के रूप में काम करते हुए लोगों की शिकायतें सुनने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम शुरू किया। इस पहल की काफी चर्चा हुई थी क्योंकि लोग घर बैठे पुलिस और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा पा रहे थे।
कई अहम पदों पर संभाली जिम्मेदारी
महेश कुमार अग्रवाल तमिलनाडु पुलिस में कई बड़े पदों पर काम कर चुके हैं। वे मदुरै के पुलिस आयुक्त रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने तमिलनाडु सशस्त्र पुलिस के विशेष महानिदेशक और प्रवर्तन ब्यूरो प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाली। पुलिस विभाग में उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की रही है जो सख्त फैसले लेने के साथ प्रशासनिक संतुलन बनाए रखते हैं।
कई पुरस्कारों से हो चुके सम्मानित
महेश कुमार अग्रवाल को बेहतर सेवा के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक दिया गया है। साथ ही कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।
BSF में भी निभाई बड़ी भूमिका
जनवरी 2025 में महेश कुमार अग्रवाल को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में अतिरिक्त महानिदेशक यानी ADG बनाया गया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में उन्हें प्रमोट कर BSF का विशेष महानिदेशक नियुक्त किया गया। केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था में भी उनकी भूमिका अहम मानी गई।
DGP नियुक्ति को लेकर चल रहा था विवाद
तमिलनाडु में डीजीपी की नियुक्ति पिछले साल 31 अगस्त 2025 से लंबित थी। राज्य में अब तक कार्यवाहक डीजीपी के जरिए काम चल रहा था। पहले एम के स्टालिन सरकार ने जी वेंकटरमन को कार्यवाहक डीजीपी बनाया था। बाद में विधानसभा चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग ने 2 अप्रैल 2026 को संदीप राय राठौड़ को डीजीपी नियुक्त किया था।
इसी बीच मुख्यमंत्री विजय की विशेष पुलिस यूनिट 'सिंगापेन स्पेशल टास्क फोर्स' की लॉन्चिंग भी टल गई थी क्योंकि राज्य में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो पाई थी। डीएमके ने इसे लेकर सरकार पर सवाल भी उठाए थे। अब महेश कुमार अग्रवाल की नियुक्ति के बाद माना जा रहा है कि सरकार जल्द इस टास्क फोर्स को लॉन्च कर सकती है।














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