Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

US Trade Probe: ट्रम्प ने भारत समेत 15 देशों के खिलाफ शुरू की नई ट्रेड जांच, क्या फिर बढ़ेगा टैरिफ बोझ?

US Trade Probe: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वैश्विक व्यापार को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए विदेशी देशों के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की नई जांच शुरू करने का ऐलान किया है। इस जांच के दायरे में भारत समेत कुल 16 प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।

माना जा रहा है कि इस कदम से भविष्य में इन देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर नए टैक्स या टैरिफ लगाए जा सकते हैं, जिसका असर वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।

us-trade-probe-trump-administration

यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा पहले लगाए गए कुछ टैरिफ को अवैध बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अब व्यापार कानून के तहत नया रास्ता अपनाते हुए जांच शुरू करने का निर्णय लिया है।

US Investigation Section 301: सेक्शन 301 के तहत होगी जांच क्या है मामला?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह जांच 'व्यापार अधिनियम 1974' की धारा 301 (Section 301) के तहत की जाएगी। अतिरिक्त उत्पादन क्षमता Excess Capacity को लेकर चिंता है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक कई देशों में उत्पादन क्षमता इतनी अधिक हो गई है कि वह घरेलू मांग से कहीं ज्यादा है।

जेमिसन ग्रीर के अनुसार, कई देशों ने ऐसी उत्पादन क्षमता विकसित कर ली है जो घरेलू और वैश्विक मांग के बाजार संकेतों से जुड़ी नहीं है। यह अतिरिक्त उत्पादन अमेरिकी उद्योगों के लिए चुनौती बन रहा है। उन्होंने कहा कि जब अन्य देश अपनी अतिरिक्त उत्पादन क्षमता को अमेरिका जैसे बाजारों में निर्यात करते हैं तो इससे अमेरिकी घरेलू उद्योगों को नुकसान होता है और निवेश के अवसर भी कम हो जाते हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये देश सब्सिडी और अन्य सरकारी नीतियों के जरिए अनुचित लाभ ले रहे हैं।

जांच के दायरे में भारत समेत ये 15 देश

इस नई जांच में अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों को निशाना बनाया गया है। एशियाई देशों में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, कंबोडिया और बांग्लादेश। वहीं यूरोपीय देशों में यूरोपीय संघ (EU), स्विट्जरलैंड और नॉर्वे हैं वहीं उत्तर अमेरिकी देशों में मैक्सिको जैसे देश शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार 'कनाडा' को इस सूची से बाहर रखा गया है।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंध- 'ऐतिहासिक' समझौते के बीच नई चुनौती

यह जांच ऐसे समय में आई है जब हाल ही में (फरवरी 2026 में) भारत और अमेरिका के बीच एक 'ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौता' हुआ था। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर प्रभावी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया था। यह कटौती तब मिली जब भारत ने कथित तौर पर रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका से ऊर्जा खरीद बढ़ाने की गारंटी दी थी।

LPG Gas Price Today: आज आपके शहर में क्या हैं घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम?
LPG Gas Price Today: आज आपके शहर में क्या हैं घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम?

इससे पहले, अगस्त 2025 में रूस से तेल खरीदने के 'दंड' के रूप में अमेरिका ने भारत पर 25% अतिरिक्त दंडात्मक टैरिफ लगाया था, जिसे इस समझौते में हटा दिया गया था। अब विशेषज्ञों का मानना है कि नई 'सेक्शन 301' जांच इस समझौते के तहत मिली राहत को प्रभावित कर सकती है और इस साल गर्मियों तक भारत पर फिर से नए आयात कर (Import Taxes) लग सकते हैं।

अमेरिकी उद्योग को मजबूत करने की कोशिश

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह जांच अमेरिका के औद्योगिक आधार को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। सरकार का कहना है कि अमेरिका अब अपने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कमजोर नहीं होने देगा और जरूरी सप्लाई चेन को फिर से देश के भीतर स्थापित करने पर जोर देगा। आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों को फिर से मजबूत करने और घरेलू रोजगार बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

India-US Trade Deal Russian Oil: भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या होगा असर

इस फैसले का असर भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर भी पड़ सकता है। हाल ही में दोनों देशों के बीच एक नया द्विपक्षीय व्यापार समझौता हुआ है, जिसे दोनों सरकारों ने ऐतिहासिक बताया था। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए कुछ टैरिफ में बड़ी कटौती की थी। पहले जहां भारत पर करीब 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया गया था, उसे घटाकर करीब 18 प्रतिशत कर दिया गया।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में हाल के समय में एक बड़ा मुद्दा रूस से भारत की तेल खरीद भी रहा है। ट्रंप प्रशासन ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने और यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने के आरोप में अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ भी लगाया गया था। हालांकि हालिया व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों ने संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही है।

जांच के बाद क्या हो सकता है

विशेषज्ञों के अनुसार, सेक्शन 301 के तहत शुरू की गई जांच के बाद अमेरिका संबंधित देशों के खिलाफ नए आयात शुल्क, व्यापार प्रतिबंध या अन्य आर्थिक कदम उठा सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर वैश्विक सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। भारत के लिए भी यह मामला अहम है, क्योंकि अमेरिका उसका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदारों में से एक है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस जांच का अंतिम परिणाम क्या निकलता है और इसका भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर कितना प्रभाव पड़ता है।

Iran US War: अमेरिका ने तबाह किए ईरान के 16 युद्धपोत, ट्रंप की धमकी- तेहरान को बूंद-बूंद तेल के लिए तरसाएंगे
Iran US War: अमेरिका ने तबाह किए ईरान के 16 युद्धपोत, ट्रंप की धमकी- तेहरान को बूंद-बूंद तेल के लिए तरसाएंगे
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+