राहुल गांधी केस पर अमेरिका की नजर, व्हाइट हाउस का बड़ा बयान... क्या कांग्रेस से संपर्क में है बाइडेन प्रशासन?
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सूरत की एक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।

US On Rahul Gandhi: राहुल गांधी मामले पर अमेरिकी विदेश विभाग के दूरी बनाने के बाद बाइडेन प्रशासन की तरफ से कहा गया है, कि वो राहुल गांधी को लेकर अदालत में चल रहे मामले पर नजर बनाए हुआ है। व्हाइट हाउस में अमेरिकी विदेश विभाग का उप-प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा है, कि "भारतीय अदालतों में राहुल गांधी मामले पर चलने वाले केस पर अमेरिका की नजर है।" दो दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने द हिन्दू को भेजे गये एक सवाल के जवाब में कहा था, 'हम चल रहे इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।' अमेरिका ने कहा था, कि "कानून के शासन और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए सम्मान, किसी भी लोकतंत्र की आधारशिला है।" अमेरिका ने आगे कहा, कि "इस तरह, हम चल रहे मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते।" लेकिन, अब अमेरिका की तरफ से कहा गया है, कि "राहुल गांधी मामले पर उसकी नजर है।"
राहुल गांधी पर अमेरिका ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस में बोलते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा, कि "अमेरिका भारत के साथ अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर एक प्रतिबद्धता साझा करता है।" वेदांत पटेल से पूछा गया था, कि क्या "राहुल गांधी का संसद से निष्कासन लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप था?" उन्होंने कहा, कि "कानून के शासन का सम्मान और न्यायिक स्वतंत्रकता, किसी भी देश के लोकतंत्र का आधार होता है और हम भारतीय अदालतों में राहुल गांधी केस पर नजर बनाए हुए हैं। हम भारत सरकार के साथ हमारी सामूहिक लोतांत्रिक प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बात करते रहते हैं, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता निश्चित तौर पर शामिल होती है।" आपको बता दें, कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी केरल के वायनाड सीट से लोकसभा सांसद थे और उन्हें गुजरात की एक अदालत ने 'मोदी सरनेम' मामले में 2 साल की जेल की सजा सुनाई है, जिसके बाद लोकसभा से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई है।
भारत सरकार के संपर्क में अमेरिका
वेंदात पटेल ने कहा, कि "भारतीय साझेदारों के साथ हमारे जुड़ाव में, हम अपने दोनों देशों में लोकतंत्र को मजबूत करने की कुंजी के रूप में, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मानवाधिकारों के संरक्षण के महत्व को उजागर करना जारी रखते हैं।" आपको बता दें, कि अमेरिका अब भारत को लेकर अपनी नीति में काफी सतर्कता बरतता है, क्योंकि भारत की तरफ से अमेरिका को पिछले महीनों में उसी की भाषा में जवाब दी गई है और मोदी सरकार कई बार साफ शब्दों में कह चुकी है, कि भारत के आंतरिक मामलों में किसी भी देश की दखलअंदाजी कबूल नहीं है। वहीं, चीन को काउंटर करने के लिए भी अमेरिका भारत को अपने अहम भागीदार के तौर पर देखता है, लिहाजा अमेरिका भारत को नाराज नहीं करना चाहता है। भारत अब एशिया में अमेरिका के सबसे प्रमुख भागीदारों में शामिल है और रूस-चीन गठबंधन के बाद से अमेरिका के लिए एशिया में रास्ते और भी तनावपूर्ण हो चुके हैं।
Recommended Video

क्या कांग्रेस के भी संपर्क में है अमेरिका?
इसके बाद जब वेंदात पटेल से पूछा गया, कि क्या अमेरिका अभी भी राहुल गांधी के साथ विपक्ष के नेता के रूप में बातचीत कर रहा है? तो पटेल ने कहा, कि "किसी भी देश में जहां हमारे द्विपक्षीय संबंध हैं, विपक्षी दलों के सदस्यों के साथ जुड़ना हमारे लिए सामान्य और मानक है।" आपको बता दें, कि 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में गांधी को दोषी पाया और उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई है। कांग्रेस नेता फिलहाल जमानत पर हैं। कर्नाटक में एक अभियान रैली के दौरान की गई गांधी की "सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों है" टिप्पणी के बाद मामला दर्ज किया गया था। सजा का ऐलान होने के एक दिन बाद, उन्हें लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालांकि, अमेरिकी प्रवक्ता ने आगे कहा, कि "मेरे पास बताने के लिए कुछ खास नहीं है।" वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित किए जाने के तीन दिन बाद सोमवार को भारत में विपक्षी दलों ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है और "लोकतंत्र के लिए काला दिन" मनाया है।












Click it and Unblock the Notifications