अमेरिका में 11 मई से पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी खत्म करेगी बाइडन सरकार, जानें क्या हैं इसके मायके?
साल 2020 में कोरोना की शुरूआत के बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा की थी। इसके बाद मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे बार-बार आगे बढ़ाया।

File Image: PTI
अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन ने देश में पब्लिक इमरजेंसी को खत्म करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश में 11 मई को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी को खत्म कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि अमेरिका में पिछले 3 सालों से पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी लागू है। साल 2020 में कोरोना की शुरूआत के बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा की थी। इसके बाद मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे बार-बार आगे बढ़ाया।
60 दिन पहले दिया जाएगा नोटिस
बता दें कि हाउस ऑफ रिपब्लिकन लेजिस्लेशन ने मांग की थी कि कोविड इमरजेंसी को तत्काल समाप्त कर दिया जाए। हालांकि सरकार ने विपक्ष की मांग नहीं मानी और इसे कुछ महीने बाद खत्म करने का फैसला किया। अमेरिका के हेल्थ एंड ह्युमन सर्विसेज डिपार्टमेंट ने वादा किया है कि वह राज्यों को इमरजेंसी खत्म होने से 60 दिन पहले नोटिस देगा, जिससे राज्य अपने हेल्थ केयर सिस्टम को फिर से तैयार सकेगी।
हर 3 महीने पर हो रहा था विस्तार
बता दें कि अमेरिका में कोविड इमरजेंसी लागू होने के बाद हर 90 दिनों पर उसे बढ़ाया जा रहा था। इस तरह जैसे अमेरिका में कोरोना के नए वैरिएंट का असर दिख रहा था, वैसे ही हेल्थ इमरजेंसी को विस्तार दिया जा रहा था। अमेरिका में कोविड के हालात सामान्य हैं और स्थिति नियंत्रण में है तो अमेरिका सरकार ने इमरजेंसी खत्म करने का फैसला किया है।
हेल्थ इमरजेंसी खत्म करने के क्या मायने?
कोविड पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी खत्म करने के बाद अब देश में अमेरिकियों को मुफ्त कोरोना जांच, टीका और उपचार मिलना बंद हो जाएगा और इसके लिए उन्हें महंगी कीमत चुकानी होगी। अब अमेरिका में कोरोना वैक्सीन को निजी सेक्टर को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल टीके, कोविड टेस्ट आदि का भुगतान केंद्र सरकार के फंड से होता है लेकिन अब ये समाप्त हो जाएंगे। अब इन लागतों को निजी बीमा और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
लाखों लोग खो देंगे बीमा कवरेज
उम्मीद की जा रही है कि 1 अप्रैल के बाद लाखों लोग अपना बीमा कवरेज खो देंगे। ऐसा कहा जा रहा है कि आने वाले वक्त में कोविड टीके, बूस्टर डोज आदि की कीमतें भी बढ़ेंगी। एक बार जब सरकार उन्हें खरीदना बंद कर देगी, तो COVID-19 टीकों की लागत भी आसमान छू सकती हैं। फाइजर ने कहा कि यह प्रति खुराक 130 डॉलर के बराबर शुल्क लेगा।












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