बतौर राष्ट्रपति 6 साल पूरे: बराक अोबामा को वही टेंशन जो यहां मोदी को है
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 20 जनवरी को व्हाइट हाउस में अपने छह वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2009 में इसी दिन शपथ ग्रहण करके ओबामा आधिकारिक तौर पर अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी। आज इस मौके पर ओबामा के लिये सबसे बड़ा टेंशन आतंकवाद है। जाहिर है, यही टेंशन इस वक्त नरेंद्र मोदी का भी है।
ओबामा ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन दिया जिसमें उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के ज्वाइंट सेशन को एड्रेस किया। इस दौरान ओबामा ने न सिर्फ अमेरिका की नई विदेश नीति की एक झलक दुनिया को दी बल्कि इस बात की ओर इशारा भी किया अमेरिका में अब मीडिल क्लास के अच्छे दिन आ गए हैं।
ओबामा ने आतंकवाद, खासकर आईएसआईएस का जिक्र किया और कहा कि यह दुनिया के लिये सबसे बड़ी चुनौती है। वैसे सच पूछिए तो जिस तरह भारत पर आतंकवाद के काले बादल छाये हुए हैं उसे साफ है कि अब अमेरिका और भारत दोनों एक ही दिशा में सोच रहे हैं। खैर चलिये आगे देखते हैं कि ओबामा ने आतंकवाद पर क्या-क्या कहा।
ओबामा ने कहा
- कांग्रेस से आईएसआईएस के खिलाफ नए वॉरफेयर को मंजूरी देने की अपील भी की।
- पाकिस्तान में स्कूल से लेकर पेरिस तक अमेरिका पीड़ितों के साथ है।
- हम आतंकवादियों का और उनके नेटवर्क का सफाया करते रहेंगे।
- अमेरिका ने वनसाइडेड एक्शन का अधिकार सुरक्षित रखा गया है।
- अमेरिका ने अफगानिस्तान और इराक में आतंकवाद के खिलाफ अपने युद्ध से सबक भी सीखा है।
- अफगानिस्तान में अमेरिकन फोर्सेज के बजाय अफगानिस्तान की सिक्योरिटी फोर्स ट्रेनिंग दी गई है।
- इन फोर्सेज ने अब कमान संभाल ली है।
- अमेरिका ने उन सैनिकों के बलिदान को सम्मानित किया है जो उन्होंने वहां लोकतांत्रिक बदलाव में सहयोग के माध्यम से दिया।
- अफगानिस्तान में ट्रूप्स भेजने के बजाय साउथ एशिया से उत्तरी अफ्रीका तक देशों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
बेहतर हालातों की ओर अमेरिका
ओबामा ने कहा कि आर्थिक मंदी का जो बुरा दौर अमेरिका ने देखा था, वह अब खत्म हो गया है।ओबामा ने अपने इस संबोधन में जो बातें कहीं उनमें सबसे अहम था, अमेरिका में कर नीति को अब अमीरों पर फोकस करना। ओबामा ने कहा कि पुरानी परंपरा को तोड़कर एक नई परंपरा कायम करनी होगी जिसमें करों का बोझ अमेरिका के अमीर लोगों पर डालना होगा।
इसका मकसद यहां के मीडिल क्लास के रहन-सहन के स्तर में सुधार लाना और उसकी स्थिति को पहले की तुलना में बेहतर करना है। ओबामा ने कहा कि अब देश में बेरोजगारों की संख्या में कमी आ रही है और देश बेहतर हालातों की ओर बढ़ रहा है।
ओबामा ने कहा कि अब उनके पास कोई और कैंपेन नहीं है जिसके बारे में बात की जाए और जिसे चलाने की कोशिशें की जाएं। हालांकि ओबामा की बातों का दबी जुबां से विरोध भी हो रहा है लेकिन अमेरिका के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस दौरान ओबामा का आत्मविश्वास देखने लायक है।
कोई देश नहीं दे सकता अमेरिका को चुनौती
सोनी पिक्चर्स के नेटवर्क की हैकिंग के संदर्भ में ओबामा ने कहा कोई भी दूसरा देश, कोई भी हैकर हमारे नेटवर्क को बंद नहीं कर सकता, हमारी गोपनीय कारोबारी जानकारी को चुरा नहीं सकता या अमेरिकी परिवारों की निजता में अतिक्रमण नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका साइबर खतरे से निपटने के लिए अपनी खुफिया प्रणाली को उसी तरह एकीकत करेगा जिस तरह हमने आतंकवाद से निपटने के लिए किया।
इसके अलावा ईरान की परमाणु शक्ति से जुड़ी बातें और नॉर्थ कोरिया का जिक्र भी ओबामा के इस भाषण में आया। आपको बता दें कि ओबामा रविवार को भारत पहुंच रहे हैं।
उम्मीद की जा रही है कि भारत और अमेरिका के बीच कई अहम सौदों पर बातचीत आगे बढ़ सकती है जिसमें साइबर टेररिज्म पर चर्चा भी सबसे अहम है।













Click it and Unblock the Notifications