F-15E Down In Iran: दुश्मन की धरती से आधी रात को अपना पायलट उठा ले गया अमेरिका, नाकाम किया ईरान का प्लान!
US Pilot Rescued From Iran: अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने ईरान की धरती पर लापता हुए अपने जांबाज पायलट (वेपन सिस्टम्स ऑफिसर) को आखिरकार सुरक्षित निकाल लिया है। ईरान में मार गिराए गए F‑15E Strike Eagle लड़ाकू विमान के बाद यह अधिकारी कई घंटों तक दुश्मन के इलाके में फंसा हुआ था। ईरान की सुरक्षा एजेंसियां और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) उसे पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर तलाश अभियान चला रही थीं, लेकिन अमेरिकी कमांडोज ने भारी जोखिम के बीच उसे सुरक्षित निकाल लिया।
इस घटनाक्रम को लेकर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे युद्ध का बड़ा "टर्निंग पॉइंट" बताया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुद इस रेस्क्यू ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को दुश्मन के इलाके में नहीं छोड़ता।

कैसे गिरा अमेरिकी F-15E और कैसे फंसा क्रू
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को ईरान ने अमेरिकी वायुसेना के दो सीटों वाले F-15E स्ट्राइक ईगल को अपनी नई एयर डिफेंस प्रणाली से मार गिराया था। इस विमान में एक पायलट और एक वेपन सिस्टम्स ऑफिसर सवार थे। विमान गिरने के कुछ समय बाद पहले पायलट को अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया था, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर ईरान की सीमा के अंदर फंस गया था। यह अधिकारी एक कर्नल रैंक का वेपन सिस्टम्स ऑफिसर बताया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी विमान से हथियार लॉन्च करने की होती है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: दर्जनों विमान और हाई-रिस्क मिशन
अमेरिकी सेना ने इस अधिकारी को बचाने के लिए बड़ा सर्च और बचाव अभियान चलाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बताया कि उनके निर्देश पर सेना ने दर्जनों विमान भेजे, जो "दुनिया के सबसे घातक हथियारों" से लैस थे।
कई घंटों तक चले इस अभियान के बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने दुश्मन के इलाके से अधिकारी को सुरक्षित निकाल लिया। ट्रंप के मुताबिक अधिकारी को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर (stable) है और वे पूरी तरह ठीक हो जाएंगे।
60 हजार डॉलर का इनाम और IRGC की घेराबंदी
पायलट को पकड़ने के लिए ईरान ने पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। IRGC ने स्थानीय लोगों को भी लालच दिया कि जो भी इस अधिकारी को जिंदा पकड़ेगा, उसे 60 हजार डॉलर (करीब 50 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी रेस्क्यू हेलीकॉप्टर जब इलाके में पहुंचे तो पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे कुछ कबीलों ने उन पर फायरिंग भी की। इसी दौरान एक अमेरिकी A‑10 Thunderbolt II (वारथॉग) विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की भी खबर सामने आई।
ट्रंप बोले - 'हम किसी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ते'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को अमेरिकी सेना की बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने दो अलग-अलग अभियानों में दुश्मन के इलाके से दोनों पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया। ट्रंप के मुताबिक सेना ने यह ऑपरेशन बिना किसी अमेरिकी सैनिक के मारे या घायल हुए पूरा किया, जो यह दिखाता है कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के आसमान में मजबूत हवाई बढ़त बना ली है।
ईरान का तंज और बढ़ता तनाव
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इस पूरे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि जो अमेरिका कभी ईरान में "सत्ता परिवर्तन" की बात करता था, अब वह सिर्फ अपने पायलटों को बचाने में लगा हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह संघर्ष अब सीधे युद्ध से हटकर "अमेरिकी पायलटों के शिकार" में बदलता जा रहा है।
ट्रंप की नई चेतावनी- ' सिर्फ48 घंटे बाकी'
इस घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक और सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब सिर्फ 48 घंटे हैं-या तो समझौता करे या हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोल दे, वरना अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद कठोर हो सकती है।












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