राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप दे सकते हैं परमाणु हमले का आदेश!
वाशिंगटन। अमेरिकी चुनावों के दिन जैसे-जैसे पास आ रहे हैं दुनिया में एक अजीब सी दुविधा का माहौल बनता जा रहा है। रिपलिब्कन डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन के बीच कांटे की जंग होगी, इसमें कोई शक नहीं है। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का एक ग्रुप इस ख्याल से ही घबराया हुआ है कि अगर ट्रंप राष्ट्रपति बन गए तो फिर क्या होगा।

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ट्रंप का पागलपन ओपेन लेटर से बयां
अमेरिका के पूर्व परमाणु अधिकारी, जो अमेरिकी एयरफोर्स को अपनी सेवाएं दे चुके हैं, ने एक ओपेन लेटर के जरिए अपने डर का इजहार किया है।
इन अधिकारियों ने अपनी चिट्ठी में उस डर का इजहार किया है जो ट्रंप के परमाणु हथियारों के पागलपन से जुड़ा है। वाशिंगटन पोस्ट ने गुरुवार को इस ओपेन लेटर को जगह दी थी।
इन अधिकारियों में घबराहट इस बात को लेकर हैं कि अगर ट्रंप ने परमाणु हथियारों को नियंत्रित करने वाली 'रेड बटन' को छेड़ दिया तो फिर क्या होगा। इस चिट्ठी में 10 अधिकारियों के साइन हैं।
राष्ट्रपति होगा नरसंहार के लिए जिम्मेदार
इस चिट्ठी में लिखा है, 'सिर्फ राष्ट्रपति ही न्यूक्लिर अटैक के हमले का आदेश दे सकता है। राष्ट्रपति ने अगर एक बार आदेश दे दिया तो फिर इस पर वीटो नहीं हो सकता है।
अगर एक बार मिसाइल लॉन्च हो गई तो फिर उसे वापस भी नहीं बुलाया जा सकता।' इन अधिकारियों का राष्ट्रपति का एक खराब, गलत अनुमान और उग्र फैसला नरसंहार के लिए जिम्मेदार हो सकता है।'
ट्रंप न बनें अमेरिका के कमांडर इन चीफ
अपने पूरे कैंपेन में ट्रंप अपने आलोचकों पर निशाना साधते आए हैं। इस चिट्ठी के मुताबिक ट्रंप को आसानी से भड़काया जा सकता है।
अधिकारियों की मानें तो दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री के कमांडर-इन-चीफ में यह क्वालिटी कभी नहीं होनी चाहिए।
चिट्ठी के अंत में लिखा है, 'डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का कमांडर-इन-चीफ नहीं बनना चाहिए। न्यूक्लियर लॉन्च कोड्स ट्रंप के सुपुर्द नहीं करने चाहिए।'












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