Iran Vs America: शांति वार्ता में 'लात-घूंसे', तुर्किए मीडिया का दावा, क्यों भिड़े ईरानी मंत्री- ट्रंप के दूत
US Iran Peace Talks Pakistan: पाकिस्तान और ईरान के बीच हालिया तनाव के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता किसी नतीजे पर पहुंचने के बजाय विवादों में घिर गई है। तुर्किए मीडिया की एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने दावा किया है कि इस बैठक में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बात इतनी बिगड़ गई कि वे लगभग हाथापाई पर उतर आए।
जहां एक तरफ दुनिया शांति की उम्मीद कर रही थी, वहीं इस तीखी नोकझोंक ने मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध के खतरों को फिर से ताजा कर दिया है। फिलहाल ईरान इन दावों को नकार रहा है, लेकिन तनाव साफ नजर आ रहा है।

Islamabad Peace Summit: क्यों आई हाथापाई की नौबत?
शांति वार्ता के दौरान माहौल तब गरम हो गया जब पुरानी कड़वाहट और भविष्य की शर्तों पर बहस शुरू हुई। डिप्लोमैटिक मीटिंग्स में आमतौर पर लोग तमीज से बात करते हैं, लेकिन यहां बात चिल्लाने और निजी हमलों तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि दोनों तरफ से एक-दूसरे के देश के सम्मान को लेकर काफी सख्त और चुभने वाली बातें कही गईं। तनाव इतना ज्यादा बढ़ गया कि सुरक्षा में लगे लोगों को बीच में आकर दोनों पक्षों को अलग करना पड़ा।
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Araghchi vs Steve Witkoff: अराघची और विटकॉफ के बीच तीखी नोकझोंक
ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची और ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। विटकॉफ ने जब अमेरिका की सख्त शर्तें सामने रखीं, तो अराघची भड़क गए। उन्होंने दो टूक कहा कि ईरानियों को डराने की कोशिश न की जाए। विटकॉफ को अराघची का यह अंदाज़ बिल्कुल पसंद नहीं आया और दोनों के बीच बहस काफी बढ़ गई। यह झगड़ा दिखाता है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कितनी कमी है।
होर्मुज स्ट्रेट: झगड़े की असली वजह
इस पूरी बहस के पीछे 'होर्मुज स्ट्रेट' का कंट्रोल सबसे बड़ा कारण रहा। यह समंदर का वो रास्ता है जहां से पूरी दुनिया का पेट्रोल-डीजल सप्लाई होता है। अमेरिका चाहता है कि यहां उसकी बात मानी जाए, जबकि ईरान इसे अपना इलाका मानता है और किसी का दखल पसंद नहीं करता। इसी रास्ते पर हक जमाने को लेकर दोनों प्रतिनिधि आपस में भिड़ गए, जिसकी वजह से शांति की कोशिशें पूरी तरह नाकाम होती दिख रही हैं।
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US Iran War: तुर्किए मीडिया की रिपोर्ट और ईरान का जवाब
तुर्किए के अखबारों और न्यूज चैनलों ने इस घटना को एक बड़ी डिप्लोमैटिक हार बताया है। उनका दावा है कि बातचीत फेल हो चुकी है। दूसरी तरफ, ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह से कोरी कल्पना और झूठ करार दिया है। अमेरिका ने भी अभी तक इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा है। जानकारों का मानना है कि अगर हाथापाई की ये बातें सच हैं, तो आने वाले वक्त में ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं।












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