US Iran: होर्मुज में पहुंचे अमेरिका के मिसाइल डिस्ट्रॉयर! ईरान ने दी आखिरी चेतावनी, क्या फिर से भड़केगी जंग?
US and Iran Failed to Reach Agreement: इस्लामाबाद में चल रही हाई-लेवल शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई और परमाणु संवर्धन (Nuclear Enrichment) के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच पैदा हुए गतिरोध ने अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
शांति वार्ता के दौरान ही अमेरिका के दो मिसाइल डिस्ट्रॉयर (USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरकर ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान शुरू कर दिया। अमेरिका ने इसे 'सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना' बताया, जबकि ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता को चुनौती माना। ईरान की ओर से 'अंतिम चेतावनी' भी दी गई, जिससे युद्ध की स्थिति बनते-बनते बची।

दुनिया पर क्या होगा इसका असर?
बातचीत का विफल होना केवल दो देशों का मामला नहीं है, इसके वैश्विक परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। आइए जानतें हैं बातचीत विफल होने का दुनिया पर क्या असर होगा?
ग्लोबल एनर्जी संकट और महंगाई
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की 'ऊर्जा लाइफलाइन' है। यहां से दुनिया के कुल तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि ईरान इस रास्ते को बंद करता है या संघर्ष बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल और परिवहन महंगा हो जाएगा।
आर्थिक मंदी का खतरा
छह सप्ताह से चल रहे इस युद्ध ने पहले ही ग्लोबल सप्लाई चैन (Supply Chain) को बाधित कर दिया है। वार्ता विफल होने से अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे शेयर बाजारों में गिरावट और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी मंदी आने की संभावना है।
परमाणु युद्ध की आशंका
ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन न छोड़ने की जिद और अमेरिका की 'कठोर शर्तों' ने परमाणु संघर्ष के खतरे को बढ़ा दिया है। यदि अमेरिका अपने 'विनाशकारी हमले' की धमकी पर आगे बढ़ता है, तो यह पूरे मध्य पूर्व (West Asia) को तबाह कर सकता है।












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