किस खौफनाक बीमारी से हुई अफगानिस्तानी क्रिकेटर शापुर जादरान की मौत? तड़पते हुए ऐसे निकली जान
Shapoor Zadran Death Reason: अफगानिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शापूर जादरान के निधन ने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया है। कई क्रिकेटरों ने उनको श्रद्धांजलि देते हुए दुःख जताया है। दिल्ली एनसीआर में पिछले काफी समय से जादरान का इलाज चल रहा था लेकिन अंत में उनको बचाया नहीं जा सकता।
उनके निधन के बाद एक सवाल यह भी सामने आता है कि आखिर किस वजह से जादरान का निधन हो गया। इतने महीने अस्पताल में रहने के बावजूद सुधार क्यों नहीं हुआ। जनवरी में उनको भारत लाया गया था, इसके बाद वह ठीक हो गए थे। फिर ऐसा क्या हुआ, जिससे वह 38 की उम्र में अपने जन्मदिन से एक दिन पहले दुनिया को अलविदा कह गए।

किस बीमारी से हुई मौत?
शापूर जादरान पिछले कई महीनों से हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (Hemophagocytic Lymphohistiocytosis - HLH) नाम की बेहद दुर्लभ और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। यह ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) असामान्य रूप से सक्रिय होकर स्वस्थ रक्त कोशिकाओं और अंगों पर ही हमला करने लगती है। इसका असर बोन मैरो, लिवर, तिल्ली और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। समय पर इलाज न मिलने या बीमारी गंभीर हो जाने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। हालांकि शापूर को इलाज कई महीनों से मिल रहा था।
भाई ने कई बार मांगा था खून
अप्रैल, मई और जून 2026 में उनके परिवार की ओर से सोशल मीडिया पर A+ ब्लड और प्लेटलेट्स की तत्काल जरूरत बताई गई थी। उनके छोटे भाई घमई जादरान ने लोगों से दिल्ली-एनसीआर में अस्पताल में आकर ब्लड डोनेट करने की अपील बहुत बार सोशल मीडिया पर की थी और लोगों ने भी उनका पूरा साथ दिया था।
पहले डेंगू ने भी बढ़ाई मुश्किल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाज के दौरान शापूर जादरान को डेंगू भी हो गया था। इससे उनका इम्यून सिस्टम और कमजोर हो गया। उनके रेड ब्लड सेल्स तेजी से कम होने लगे और संक्रमण बार-बार लौटता रहा। डॉक्टरों ने अपनी पूरी क्षमता और दवाओं से इलाज किया, लेकिन उनकी हालत में स्थायी सुधार नहीं हो सका। जनवरी में एक बार उनकी कंडीशन सही हुई थी और डिस्चार्ज कर दिया गया था लेकिन इन्फेक्शन फिर से आने के बाद मामला बिगड़ता चला गया।
आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए
7 जुलाई 2026 को, अपने 39वें जन्मदिन से एक दिन पहले, शापूर जादरान ने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनकी मौत की पुष्टि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी की। बोर्ड ने उन्हें अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक बताया।













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