जवाहिरी की मौत के बाद अलकायदा का नया मुखिया कौन? मौत के 6 महीने बाद अमेरिका कनफ्यूज
पिछले साल 31 जुलाई को अमेरिका ने दावा किया था, कि जवाहिरी को काबुल स्थिति एक घर में ड्रोन हमले में मार गिराया गया है। हालांकि, अभी तक अलकायदा की तरफ से उसकी पुष्टि नहीं की गई है।

Al Qaeda leader Ayman al-Zawahiri News: पिछले साल 31 जुलाई को अमेरिका ने अलकायदा के प्रमुख अयमान अल दवाहिरी को मारने का दावा किया था, लेकिन उसकी मौत के 6 महीने बीत जाने के बाद अमेरिका कनफ्यूज है, कि अयमान अल जवाहिरी का उत्तराधिकारी कौन है? अमेरिका के खुफिया अधिकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए अल कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी का उत्तराधिकार अभी तक अस्पष्ट है।

जवाहिरी की मौत पर अमेरिकी अधिकारी
अमेरिका पर 9/11 हमले के मास्टरमाइंड अयमान अल जवाहिरी को लेकर अमेरिका ने पिछले साल 31 जुलाई को दावा किया था, कि उसे एक ड्रोन हमले में मार गिराया गया है। वहीं, अल जवाहिरी का उत्तराधिकारी अलकायदा में कौन है, इस सवाल के जवाब पर यूएस नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर की डायरेक्टर क्रिस्टीन अबिजैद ने मंगलवार को कहा कि, "अल कायदा के लिए सवाल यह है, कि उसने खुद इसका जवाब नहीं दिया है कि कौन (जवाहिरी) के बाद उसका प्रमुख होगा।" वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम में बोलेते हुए अमेरिकी अधिकारी क्रिस्टीन का ये बयान काफी चौंकाने वाला है। वहीं, यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) की रिपोर्ट में कहा गया है, कि 9/11 के एक प्रमुख साजिशकर्ता, जवाहिरी के पाकिस्तान में रहने की सूचना मिली थी और जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया, तो फिर वो काबुल लौट आया था। रिपोर्ट में कहा गया था, कि अयमान अल जवाहिरी संभवत: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में था।

जवाहिरी के उत्तराधिकारी को लेकर दावे
हालांकि, जवाहिरी के उत्तराधिकारी को लेकर कई दावे किए गये हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण दावा मिस्र के एक पूर्व सैन्य अधिकारी सैफ अल-अदेल को लेकर है। सैफ अल-अदेल काफी रहस्यमयी माना जाता है और वो पिछले लंबे समय से अलकायका के शीर्ष पद पर तैनात रहा है, लिहाजा अलकायदा की गतिविधियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है, कि सैफ अल-अदेल ही अलकायदा का नया मुखिया हो सकता है। वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है, कि अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने वालों को 10 मिलियन अमरीकी डालर तक का इनाम देने की घोषणा कर रखी है। वहीं, अमेरिकी अधिकारी क्रिस्टीन अबिजैद ने कहा कि, इन आतंकियों की वजह से अमेरिका को अप्रत्याशित माहौल का सामना करना पड़ा है, लिहाजा अमेरिका को इस्लामिक स्टेट और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

तेजी से फैल रही ऑनलाइन कट्टरता
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि, "अब ऑनलाइन वातावरण ऐसा है, जहां से सबसे ज्यादा कट्टरता फैल रही है।" अमेरिकी अधिकारी की ये टिप्पणी उस वक्त आई है, जब पिछले साल नवंबर महीने में अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने आशंका जताई थी, कि आने वाले महीनों में अमेरिका पर खतरे का माहौल बना रहेगा। होमलैंड विभाग ने कहा था, कि सिंगल अपराधी और अपराधियों के समूहों को कई विचारधाराओं से प्रेरित होने के कारण खतरा पैदा हो गया है। इससे पहले दिसंबर 2022 में अल कायदा ने अपने मारे गए नेता अल-जवाहिरी का 35 मिनट का एक वीडियो जारी किया था, जिसपर कोई तारीख नहीं थी और उस वीडियो के जरिए अलकायदा ने दावा किया था रिकॉर्डिंग का नैरेशन जवाहिरी ने किया था।
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जवाहिरी को पाकिस्तान ने मरवाया?
वहीं, अल-जवाहिरी की मौत में पाकिस्तान का हाथ होने की संभावना भी काफी तेजी से ऊभर रही है, हालांकि अभी तक ना तो अमेरिका ने ऐसी कोई बात कही है और ना ही पाकिस्तान ने सार्वजनिक तौर पर जवाहिरी की मौत में अपनी कोई भूमिका स्वीकारी है। EFSAS ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि. कई सालों से माना जा रहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाके में छिपा हुआ था और यह स्पष्ट नहीं है, कि वह अफगानिस्तान क्यों लौटा? अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद, यह माना जाता है कि जवाहिरी का परिवार काबुल में सुरक्षित घर लौट आया था, जहां से बाद में उसे अमेरिकी ड्रोन से मार गिराया गया था।

कराची में दी जा रही थी शरण
वहीं, शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जवाहिरी को कराची में शरण दी जा रही थी और तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने के कुछ समय बाद, उसे हक्कानी नेटवर्क पाकिस्तान-अफानिस्तान को बांटने वाली चमन बॉर्डर के माध्यम से काबुल ले जाया गया था। जवाहिरी की हत्या में पाकिस्तान की भूमिका पर, अमेरिकन एंटरप्राइज़ इंस्टीट्यूट (एईआई) के एक वरिष्ठ साथी, माइकल रुबिन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जवाहिरी की हत्या में पाकिस्तान की भूमिका थी। ऐसा माना जाता है, कि जवाहिरी की मौत के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ सौदा किया था और जवाहिरी के मारे जाने के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को 450 मिलियन डॉलर का एफ-16 पैकेज दिया था, वहीं पाकिस्तान को आईएमएफ से भी लोन की एक किश्त मिल गई थी।












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