फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने UNSC में पेश किया अजहर को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव
यूनाइटेड नेशंस। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने वाले मामले पर भारत एक बड़ी जीत की तरफ बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में अजहर को बैन करने से जुड़ा प्रस्ताव दिया गया है। इन देशों ने यह मांग भी की है कि अजहर की विदेश यात्राओं पर भी प्रतिबंध लगाया जाए और साथ ही उसकी संपत्ति को भी फ्रीज किया जाए। इस प्रस्ताव को कूटनीतिक स्तर पर भारत की बड़ी जीत करार दिया जा रहा है। हालांकि अभी तक चीन की ओर से इस पर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

मार्च में अजहर पर हो सकता है बड़ा फैसला
फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन की तरफ से बुधवार को यह प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रस्ताव को पेश करते हुए इन देशों ने यूएनएससी से कहा है जैश-ए-मोहम्मद के चीफ आतंकी मौलाना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाया जाए। उसकी विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाया जाए और उसकी सभी संपत्ति फ्रीज की जाए। तीन देशों की ओर से पेश इस नए प्रस्ताव पर यूएनएससी को अगले 10 दिनों में कोई फैसला लेना होगा। 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। फ्रांस पहले ही यूएनएससी में जैश के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। कहा जा रहा है कि मार्च में जब फ्रांस यूएनएससी का मुखिया बनेगा तो इस प्रतिबंधित समिति के सामने प्रस्ताव को लाया जाएगा।
फ्रांस तैयार कर रहा अहम प्रस्ताव
15 राष्ट्रों वाले सिक्योरिटी काउंसिल की अध्यक्षता हर माह एक देश से दूसरे देश के हाथ में जाती है। एक मार्च को इसकी अध्यक्षता इक्वेटोरियल गुयाना से फ्रांस के पास चली जाएगी। वीटो पावर के साथ सिक्योरिकी काउंसिल का स्थायी सदस्य फ्रांस इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है और यह बहुत जल्द तैयार कर लिया जाएगा। सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक फ्रांस, जैश के आतंकवादियों को प्रतिबंधित किए जाने के आग्रहों को जल्द से जल्द 1267 प्रतिबंध समिति के समक्ष रखने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है।












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