भारत-चीन तनाव: 'ड्रैगन' पर भड़का अमेरिका, कहा- चीनी सेना बढ़ा रही है विवाद
वॉशिंगटन। भारत के साथ जारी सीमा विवाद पर अमेरिका ने चीन को फटकार लगाई है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव बढ़ाने के लिए पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की आलोचना की है। साथ ही सत्ताधारी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को एक 'बदमाश तत्व' करार दिया है। पोंपेयो की तरफ से यह टिप्पणी शुक्रवार को उस समय आई है जब वह 2020 कोपेनहेगन डेमोक्रेसी समिट में एक वर्चुअल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे।

भारत के साथ विवाद बढ़ाया
माइक पोंपेयो ने एक-एक करके चीनी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी उन सभी प्रक्रियाओं को खत्म कर देना चाहती है जिसके तहत एक आजाद दुनिया में नाटो जैसी संस्था का निर्माण हो सके। पार्टी ऐसे नए नियमों को अपनाना चाहती है जिसके तहत चीन को समाहित किया जा सके। पोंपेयो के शब्दों में, 'पीएलए ने भारत के साथ सीमा विवाद को बढ़ा दिया है जो दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला लोकतंत्र है। वह साउथ चाइना सी का भी सैन्यीकरण करने में लगा है और गैर-कानूनी तरीकों से इसके और ज्यादा क्षेत्रों पर दावा जता रहा है जिसने इसके अहम इलाकों को संवेदनशील बना दिया है। पोंपेयो ने इससे पहले पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए टकराव में शहीद हुए 20 सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी।
चीन ने उठाया भरोसे का फायदा
पोंपेयो ने कहा कि कई वर्षों तक पश्चिमी देश इस उम्मीद में थे कि चह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) को बदल सकते हैं और चीनी नागरिकों की जिंदगियों को बेहतर बना सकते हैं। लेकिन सीसीपी ने इस भरोसे का फायदा उठाया जबकि हम उन्हें हमेशा आपसी सहयोग का भरोसा दिलाते रहे। पोंपेयो ने चीन के पूर्व राजनेता डेंग शियाओपिंग के एक कथन का जिक्र किया जो कुछ इस तरह से था, 'अपनी ताकत को छिपाते रहो और समय को सहते रहो।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं कई दूसरी जगहों पर इस बारे में बात की जो कुछ भी हुआ है। यह एक बहुत जटिल कहानी है और किसी की गलती नहीं है।'












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