लखवी की रिहाई के खिलाफ भारत की अपील को यूएन की सुरक्षा सहमति ने स्वीकार किया
वाशिंगटन। मुंबई धमाकों के मुख्य साजिशकर्ता जकिउर रहमान लखवी कि रिहाई पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इस मामले में युनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिस से हस्तक्षेप की अपील की थी। भारत की इस अपील को स्वीकार करते हुए यूएनसससी ने अपनी अगली बैठक में इस मामले में को उठाने की बात कही है।

संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति के वर्तमान अध्यक्ष जिम मैक्ले ने भारतीय राजदूत एवं संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी को लिखे पत्र में लखवी के मामले पर जवाब देते हुए कहा है कि एलईटी के मुखिया की रिहाई वैश्विक संस्था के मानदंडों 1267 का उल्लंघन है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मामला यूएनएससी की अगली बैठक में उठाया जाएगा। गौरतलब है कि यूएनएससी अगली बैठक अगले ही कुछ दिनों में होने वाली है।
यूएन के 1267 नियम के अनुसार अल कायदा और लश्कर सहित आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों पर कई पाबंदियां लागू होती है जिनका पालन अनिवार्य है। इस नियम के अनुसार इन संगठनों के आतंकियों की सारी संपत्ति जब्त करने के साथ उनकी यात्राओं पर भी प्रतिबंध लागाया जाता है। इसके साथ ही किसी भी तरह की कोई भी सुविधा सरकार या किसी संस्था से नहीं मिलनी चाहिए।
मुंबई धमाकों के मामले में लखवी समेत छह अन्य आतंकियों को भी रिहा किया गया है, जिनपर मुंबई हमलों की साजिश रचने का आरोप था। 2008 के मुंबई धमाकों में 166 लोगों की मौत हो गयी थी। वहीं इस धमाकों के आरोप में धमाकों का मास्टरमाइंड लखवी 25 नवंबर 2009 को गिरफ्तार हुआ था।












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