चीन ने भारत के दुश्मन मक्की को बनाया ग्लोबल आतंकी, जिनपिंग के सामने क्यों नहीं चली PAK की चालाकी?
दुनिया इस बात से हैरान है कि आखिर कैसे चीन ने इस बार पाकिस्तान का साथ न देकर भारत का साथ दे दिया? आखिर ऐसी क्या वजह रही कि महज 7 महीने पहले मक्की के नाम पर अड़ंगा लगाने वाले चीन ने इस बार खामोशी साध ली?

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संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अब्दुल रहमान मक्की को ग्लोबल आतंकी की सूची में डाल दिया है। हालांकि पहले पाकिस्तान की शह पर चीन मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित करने में अड़ंगा लगाता था, लेकिन इस बार उसने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए। इसके बाद UNSC में मक्की के खिलाफ प्रस्ताव पारित पर उसे वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया। ऐसे में दुनिया इस बात से हैरान है कि आखिर कैसे चीन ने इस बार पाकिस्तान का साथ न देकर भारत का साथ दे दिया? आखिर ऐसी क्या वजह रही कि महज 7 महीने पहले मक्की के नाम पर अड़ंगा लगाने वाले चीन ने इस बार खामोशी साध ली?

7 महीने पहले चीन ने लगाया था वीटो पावर
आपको बता दें कि चीन ने पिछले साल पाकिस्तान का साथ देते हुए मक्की के मामले में वीटो पावर लगा दिया था। लेकिन इस बार वह मामले से दूर ही रहा और जब संयुक्त राष्ट्र की ओर से मक्की को ग्लोबल आतंकवादी घोषित किया गया, तो उसने चुप रहना ही बेहतर समझा। यदि चीन चाहता तो एक बार फिर से वह वीटो पावर का इस्तेमाल कर सकता था, लेकिन शी जिनपिंग की सरकार ने ऐसा करना जरूरी नहीं समझा।

पाकिस्तान को एक ट्वीट पड़ा ‘महंगा’
चीन के मक्की के मामले में पाकिस्तान का साथ न देने के पीछे की असली वजह एक ट्वीट को बताया जा रहा है। दरअसल चीन के चेंगदू शहर में स्थित पाकिस्तानी महावाणिज्य दूतावास के ट्विटर अकाउंट ने उइगुर मुस्लिमों के अधिकारों को लेकर एक विवादित ट्वीट कर दिया था। दूतावास की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया था कि पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय बाढ़ पुर्ननिर्माण को भेजी गई मदद के लिए चीन का शुक्रगुजार है। दोनों देश उइगर समुदाय के अधिकारों और स्वतंत्रता समेत आपसी हित के मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे।
विदेश मंत्रालय को देना पड़ा बयान
इस ट्वीट के बाद पाकिस्तान सहित चीन के सोशल मीडिया में बवाल मच गया। इससे पाकिस्तान की सरकार टेंशन में आ गई और कुछ समय बाद ट्वीट को डिलीट करा दिया गया। इस हंगामे के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दूतावास का आधिकारिक ट्विटर एकाउंट 'हैक' कर लिया गया था। आपको बता दें कि उइगर चीन के लिए बेहद संवेदनशील मसला है। तुर्की के अलावा कोई भी ऐसा देश नहीं है जिसने इस मसले पर चीन की आलोचना की है। पाकिस्तान भी कभी उइगर मुस्लिमों को लेकर चीन सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोलता है। ऐसे में पाकिस्तान का चीन के उइगर मुसलमानों के पक्ष में बोलना मक्की पर भारी पड़ गया।

बार-बार क्यों हैक हो जाते हैं टविटर अकाउंट?
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान इस तरह की किसी मुसीबत में फंस गया है। इससे पहले अफगानिस्तान के कंधार में भी पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास का अकाउंट हैक हो गया था जिसकी वजह से सरकार की खूब किरकिरी हुई थी। उससे पहले दिसंबर 2021 में सर्बिया स्थित पाकिस्तान के दूतावास का ट्विटर अकाउंट हैक हो गया। इस ट्विट में पाकिस्तान की तत्कालीन सरकार के मुखिया इमरान खान पर बढ़ती महंगाई और तीन महीने के वेतन भुगतान न करने का हवाला देते हुए निशाना साधा गया था।

क्या अंदरूनी राजनीति है वजह?
ऐसा भी माना जाता है कि बार-बार आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के लीक होने के पीछे की असली वजह पाकिस्तान की घरेलू राजनीति है। दरअसल पाकिस्तान में सरकार बनती-बिगड़ती रहती है। ऐसे में विदेश विभागों में कई ऐसे अधिकारी घुस गए हैं जो इमरान खान या फिर नवाज शरीफ या फिर भुट्टो परस्त हैं। एक दूसरे की सरकार को नीचा दिखाने के लिए अधिकारी जानबूझकर ऐसे ट्वीट कर देते हैं ताकि सरकार की किरकिरी हो।












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