कंपनी ने बाइक में किया ये छोटा सा बदलाव और ऐसे रूसी सेना के छक्के छुड़ाने लगा यूक्रेन

यूक्रेनी लड़ाके रूस के खिलाफ लड़ाई में इलेक्ट्रॉनिक बाइक का उपयोग कर रहे हैं। टोही मिशन, मेडिकल डिलीवरी जैसे कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही स्नाइपर हमलों में भी इसका उपयोग हो रहा है।

कीव, 26 मईः युद्ध के मैदानों में मोटर साइकिल का इस्तेमाल कोई नयी बात नहीं है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान के दौरान ब्रिटिश सैनिक बाइक का इस्तेमाल दुश्मन के सीमा के आस पास के इलाकों में सैनिकों द्वारा संदेश पहुंचाने और खराब रास्तों पर आसानी से ट्रांसपोर्टेशन के लिए करते थे। ये बाइक्स जहाज द्वारा पैराशूट के जरिए जमीन पर उतारी जाती थीं और उसके बाद इनका इस्तेमाल किया जाता था। वहीं जापानी सेना पैडल से चलने वाली बाइक का इस्तेमाल ब्रिटिश सैनिकों को रोकने के लिए करती थीं।

यूक्रेनी सेना कर रही इलेक्ट्रिक बाइक का उपयोग

यूक्रेनी सेना कर रही इलेक्ट्रिक बाइक का उपयोग

समय के साथ विज्ञान की बढ़ती तकनीक ने युद्ध में बाइक के इस्तेमाल पर लगभग विराम लगा दिया था। बाइक को आउटडेटेड समझ कर सारी तकनीक युद्धक टैंक, लड़ाकू विमान, मिसाइल में झोंकी जा रही थी। आखिर जमाना भी तो अब ड्रोन का आ चुका था। लेकिन इस बार यूक्रेन ने उलटी खोपड़ी लगाई है। इस देश ने बाइक का उपयोग करना शुरू किया है। जी हां। रूस-युक्रेन युद्ध में एक बार फिर से बाइक का चलन दिख रहा है। यूक्रेनी लड़ाके रूस के खिलाफ लड़ाई में कोई आम बाइक नहीं, इलेक्ट्रॉनिक बाइक का उपयोग कर रहे हैं। टोही मिशन, मेडिकल डिलीवरी जैसे कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही स्नाइपर हमलों में भी इसका उपयोग हो रहा है। इन इलेक्ट्रॉनिक बाइक की स्पीड लगभग 55 मील प्रति घंटा होती है जिससे यूक्रेनी सेना को रूसी जवानों को रोकने में मदद मिल रही है।

उपयोगी साबित हो रही ई-बाइक

उपयोगी साबित हो रही ई-बाइक

मैनेजर रोमन कुलचित्सकी के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेनी ई-बाइक फर्म एलीक ने शुरू में सेना को कुछ बाइक उपलब्ध करायीं। इनके उपयोगी साबित होने पर एलीक ने बड़े पैमाने पर इस बाइक का उत्पादन शुरू कर दिया। हरे रंग के इस बाइक के पीछे छोटा सा यूक्रेनी ध्वज लगा है जो यूक्रेनी सैनिकों के हौसले को बढ़ाता है। कुलचित्सकी कहते हैं कि जब युद्ध शुरू हुआ तो हम चौंक गए। हर कोई चिंतित था कि अब क्या किया जाए। लेकिन फिर हम अपने काम में जी-जान से जुट गए और ज्यादा से ज्यादा उपयोगी बाइक्स बना सके इस पर काम करना शुरू कर दिया।

कई चीजों में किया गया बदलाव

कई चीजों में किया गया बदलाव


एलीक ने लिथियम-आयन बैटरी कोशिकाओं के आधार पर एक पावर बैंक बनाना शुरू किया। बाइक के सैन्य संस्करण तैयार करने के लिए मिरर और रोटेटिंग लाइट जैसी चीजें हटा दी गयीं। चार्जिग समय में सुधार किया गया औऱ बैटरी नियंत्रण प्रणाली स्थापित की। इसमें सैनिकों को अपने गैजेट्स चार्ज करने की सुविधा भी जोड़ी गयी। इसे भारी वजन ढोने के लिए उपयुक्त बनाया गया। इसके बाद जाकर ये बाइक सैनिकों के लिए तैयार हो पायीं।

आवाज नहीं करती ई-बाइक

आवाज नहीं करती ई-बाइक

इन बाइक्स की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें कोई आवाज नहीं होती। इलेक्ट्रिक बाइक में पेट्रोल या किसी भी तरह के तरल ईंधन का उपयोग नहीं होता, इसका मतलब है कि किसी भी रिसाव की कोई संभावना नहीं है। इन ई-वाहनों का उपयोग किसी भी तरह के मौसम में और किसी भी प्रकार के इलाके में किया जा सकता है। इन्हें आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है और तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल चिकनी सड़क, उबड़-खाबड़ इलाकों में किया जा सकता है। और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि ये बाकी मोटरसाइकिल की तरह गर्म नहीं होती ऐसे में किसी थर्मल इमेजिंग सिस्टम पर यह दिखाई नहीं देता।

कई देश कर रहे इस्तेमाल

कई देश कर रहे इस्तेमाल


अब जब रूस-यूक्रेन युद्ध तीन महीने से भी अधिक समय तक खींच गया है तब इसकी उपयोगिता समझ में आती है। बता दें कि यूक्रेन ई-बाइक आजमाने वाला एकमात्र देश नहीं है। न्यूजीलैंड की वायु सेना भी निगरानी ओर टोही जैसे कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही आस्ट्रेलिया में भी बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है। दुनिया की ज्यादतर सेनाएं इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों का परीक्षण कर रही हैं। हालांकि इन इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों में अभी भी रेंज और स्पीड एक मुख्य मुद्दा है। फिर भी इनकी उपयोगी भूमिका होने की वजह से लगातार इसमें सुधार किया जा रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+